जनसमस्याओं को लेकर यूकेडी का जाखणीखाल तहसील में धरना, सरकार को सौंपा ज्ञापन
*सड़क, स्वास्थ्य, जंगली जानवरों से सुरक्षा, कृषि और रोजगार सहित विभिन्न मांगें उठाईं*
द्वारीखाल। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने बुधवार को जाखणीखाल तहसील परिसर में संरक्षक डॉ. शक्तिशैल कपरवाण के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन कर तहसीलदार वैभव जोशी के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा। इस दौरान पार्टी नेताओं ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।

धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जंगली जानवरों के आतंक से खेती, बागवानी और पशुपालन प्रभावित हो रहे हैं। किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं तथा गुलदार के हमलों में पालतू पशुओं के साथ ग्रामीणों की जान भी खतरे में है। उन्होंने किसानों को कृषि, बागवानी, फलोद्यान और पशुपालन के लिए प्रोत्साहन देने तथा खेतों को लैंटाना घास से मुक्त कराने की मांग की।
यूकेडी ने चैलूसैंण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, पर्याप्त स्टाफ, दवाइयां, पैथोलॉजी, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। वक्ताओं का कहना था कि अस्पताल भवन तो बन चुका है, लेकिन आवश्यक सुविधाओं के अभाव में क्षेत्रवासियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ज्ञापन में क्षेत्र की जर्जर सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किन्सुर-व्यासचट्टी मोटरमार्ग की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा गया कि नयार नदी पुल तक सड़क बेहद क्षतिग्रस्त है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा मष्टखाल-बाड़ियूं मोटरमार्ग, मोलाखाल-सिलोगी मोटरमार्ग, मोलाखाल-मंजफ-नैरूल मोटरमार्ग को उमन, डल, ग्वाड़ी और मैठाणा तक जोड़ने, बाड़ियूं-छतिण्डा के बीच सड़क कटान कार्य पूरा करने, कोठार-कल्सी मोटरमार्ग निर्माण तथा सिलोगी-घनसाली मार्ग के डामरीकरण की मांग की गई।
जिला संगठन मंत्री जे.पी. जोशी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को झूठे मुकदमों और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जनसमस्याएं उठाने वाले लोगों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
यमकेश्वर विधानसभा अध्यक्ष राहुल रावत ने गरुड़चट्टी स्थित शराब के ठेके का मामला उठाते हुए कहा कि प्रशासन ने एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ब्लॉक अध्यक्ष धनवीर राणा ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण खेती-बाड़ी प्रभावित हो रही है, जंगली जानवरों का आतंक बढ़ा है और बेरोजगारी चरम पर है। पूर्व प्रधान दीपचंद शाह ने मंजफ, नैरूल, डल, ग्वाड़ी, उमन और मैठाणा गांवों को आज तक मोटरमार्ग से नहीं जोड़े जाने तथा किन्सुर-व्यासघाट मोटरमार्ग की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
संरक्षक डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में खेती, पशुपालन और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
कार्यक्रम में संरक्षक डॉ. शक्तिशैल कपरवाण, जिला संगठन मंत्री जे.पी. जोशी, यमकेश्वर विधानसभा अध्यक्ष राहुल रावत, ब्लॉक अध्यक्ष धनवीर राणा, भगत सिंह रावत, राजेंद्र प्रसाद, दीपचंद शाह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
