हेडलाइन: जिला कारागार पौड़ी में ‘एक जेल-एक उत्पाद’ पहल शुरू, बंदियों को मिलेगा पिरूल हस्तशिल्प का प्रशिक्षण
पौड़ी, 6 जुलाई। जिला कारागार पौड़ी में मुख्यमंत्री के निर्देशन में ‘एक जेल-एक उत्पाद’ पहल के तहत पिरूल क्राफ्ट आधारित तीन सप्ताह के उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से जनकल्याण सेवा समिति, कोटद्वार द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से बंदियों को पिरूल से उपयोगी एवं आकर्षक हस्तशिल्प उत्पाद बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण का शुभारंभ जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने किया। उन्होंने बंदियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों का अवलोकन करते हुए कहा कि पिरूल आधारित उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है और यह स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण को उद्यमिता से जोड़ने तथा तैयार उत्पादों की बायबैक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उससे प्राप्त आय का उपयोग बंदी कल्याण और पुनर्वास गतिविधियों में किया जा सके।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण में वॉल हैंगिंग, बुके, सजावटी एवं गृह उपयोगी वस्तुओं सहित विभिन्न उत्पाद तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेलों का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों के व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
उन्होंने जेल प्रशासन को भविष्य में कंप्यूटर टाइपिंग, कैंडल मेकिंग, हस्तशिल्प और अन्य रोजगारपरक कौशल विकास कार्यक्रम भी चरणबद्ध तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और प्रशिक्षण से जुड़े अनुभवों की जानकारी भी ली।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक कौशल कुमार, जिला उद्योग केंद्र की प्रबंधक उपासना सिंह, मास्टर ट्रेनर सरोज बिष्ट एवं प्रियतमा, जनकल्याण सेवा समिति के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
