बौर–रामगांव में सामुदायिक भूमि की रक्षा को लेकर जनआंदोलन तेज, आठवें दिन धरना और बुद्धि-शुद्धि यज्ञ
नई टिहरी। बौर–रामगांव क्षेत्र की पैतृक, पंचायत एवं सामुदायिक भूमि की रक्षा को लेकर चल रहे जनआंदोलन के आठवें दिन मंगलवार को क्षेत्रवासियों ने विशाल धरना-प्रदर्शन और बुद्धि-शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ग्राम समाज और चारागाह की भूमि ग्रामीणों की साझा धरोहर है, जिसका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि ऐसी भूमि का उपयोग स्थानीय जनता के हितों और भविष्य की पीढ़ियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए तथा किसी भी निर्णय से पहले क्षेत्रवासियों की भावनाओं और अधिकारों का सम्मान होना आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पैतृक, पंचायत और सामुदायिक भूमि की रक्षा के लिए अपना संकल्प दोहराते हुए आंदोलन को आगे भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखने का निर्णय लिया।
आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित और ग्राम हित से जुड़े इस अभियान को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।
उत्तराखंड क्रांति दल के मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने कहा कि क्षेत्र की सामुदायिक भूमि की रक्षा के लिए जनता का यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
