पौड़ी

जलागम परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, एक सप्ताह में नौले-धारों के पुनरुद्धार की 20 डीपीआर तैयार होंगी

पौड़ी। जलागम सचिव दिलीप जावलकर ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जनपदों में संचालित जलागम परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी स्वीकृत कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक में सचिव ने चाल-खाल, चेकडैम, कंटूर ट्रेंच, सुरक्षा दीवार, सिंचाई गूलों के निर्माण एवं मरम्मत, नौले-धारों के पुनरुद्धार, पौधरोपण, चारागाह विकास, फलोद्यान और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा कर आवंटित बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए सचिव ने प्रत्येक जनपद को एक सप्ताह के भीतर नौले-धारों के पुनरुद्धार के लिए पांच-पांच विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संकट के स्थायी समाधान के लिए यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए।

उन्नत ग्राम पंचायत संसाधन नियोजन कार्यक्रम (ईजीपीआरपी) की समीक्षा के दौरान प्रगति पर असंतोष जताते हुए सचिव ने अगले दो माह में स्वीकृत कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही रिक्त पदों के प्रस्ताव तत्काल निदेशालय भेजने को कहा, ताकि परियोजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

बैठक में उप निदेशक पौड़ी अजय कुमार सोनकर, रुद्रप्रयाग के आर.पी. सिंह, टिहरी के सर्वेश्वर उनियाल, उत्तरकाशी के प्रभारी उप निदेशक विजय घिल्डियाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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