अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच में देरी के विरोध में 2 जुलाई को देहरादून में सीबीआई कार्यालय पर तालाबंदी का ऐलान
देहरादून। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच में कथित धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए 2 जुलाई 2026 को देहरादून स्थित सीबीआई कार्यालय पर शांतिपूर्ण तालाबंदी और विरोध-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। यह निर्णय मंच की ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

बैठक में मंच के सदस्यों ने आरोप लगाया कि जांच सीबीआई को स्थानांतरित हुए करीब छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। मंच का दावा है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता के बयान तक दर्ज नहीं किए गए हैं और मामले से जुड़े कथित वीआईपी व्यक्तियों की भूमिका तथा रिसॉर्ट ध्वस्तीकरण और संभावित साक्ष्यों के नष्ट होने के पहलुओं पर भी स्पष्ट कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
मंच ने बताया कि लगभग दो सप्ताह पहले सीबीआई निदेशक को पत्र भेजकर जांच की प्रगति सार्वजनिक करने और जांच में तेजी लाने की मांग की गई थी। चेतावनी दी गई थी कि यदि संतोषजनक प्रगति नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
मंच ने प्रदेश की जनता, सामाजिक संगठनों और न्यायप्रिय नागरिकों से 2 जुलाई को प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होकर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मुहिम को समर्थन देने की अपील की है।
