नगरासू प्रकरण में दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई, सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में विफल : मोहित डिमरी
रुद्रप्रयाग। नगरासू गुरुद्वारे में चार दिनों तक चले उपद्रव, तोड़फोड़ और तनावपूर्ण घटनाक्रम को लेकर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

मोहित डिमरी ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार इस मामले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही और उपद्रव करने वाले तत्वों के सामने झुकती हुई दिखाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून को हाथ में लेने वालों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे सामाजिक सद्भाव, शांति और भाईचारे के पक्षधर हैं, लेकिन शांति का अर्थ यह नहीं है कि तोड़फोड़ करने, भय का वातावरण बनाने और क्षेत्र की शांति भंग करने वालों को खुली छूट दे दी जाए। जिसने भी उपद्रव किया है, उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
डिमरी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता न्याय चाहती है, अराजकता के सामने समर्पण नहीं। कानून का राज सर्वोपरि होना चाहिए और किसी भी समुदाय या समूह के नाम पर उपद्रव करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
रुद्रप्रयाग। नगरासू गुरुद्वारे में चार दिनों तक चले उपद्रव, तोड़फोड़ और तनावपूर्ण घटनाक्रम को लेकर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मोहित डिमरी ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार इस मामले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही और उपद्रव करने वाले तत्वों के सामने झुकती हुई दिखाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून को हाथ में लेने वालों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे सामाजिक सद्भाव, शांति और भाईचारे के पक्षधर हैं, लेकिन शांति का अर्थ यह नहीं है कि तोड़फोड़ करने, भय का वातावरण बनाने और क्षेत्र की शांति भंग करने वालों को खुली छूट दे दी जाए। जिसने भी उपद्रव किया है, उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
डिमरी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता न्याय चाहती है, अराजकता के सामने समर्पण नहीं। कानून का राज सर्वोपरि होना चाहिए और किसी भी समुदाय या समूह के नाम पर उपद्रव करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
