नगरासू प्रकरण पर चौथे दिन भी तनाव बरकरार, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
रुद्रप्रयाग। नगरासू में हुई घटना को चार दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। मामले को लेकर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर चिंता जताई जा रही है तथा प्रदेश सरकार से सक्रिय हस्तक्षेप की मांग उठ रही है।

इस संबंध में जारी एक बयान में कहा गया कि यह मामला किसी एक समुदाय, संगठन या पक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और जनता के विश्वास से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया गया है कि वे स्वयं पूरे प्रकरण की निगरानी करते हुए ऐसा समाधान सुनिश्चित करें, जिससे क्षेत्र में व्याप्त तनाव समाप्त हो सके और गुरुद्वारे के ऊपर डटे निहंग सिंहों को सम्मानजनक एवं शांतिपूर्ण तरीके से नीचे लाया जा सके।
बयान में कहा गया कि सभी पक्षों के बीच संवाद और विश्वास की प्रक्रिया को मजबूत किया जाना आवश्यक है, ताकि स्थिति सामान्य हो सके और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना समाप्त हो।
साथ ही रुद्रप्रयाग के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी से भी क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं का उल्लेख करते हुए सक्रिय नेतृत्व और हस्तक्षेप की मांग की गई। कहा गया कि संकट की घड़ी में जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल प्रशासनिक नहीं होती, बल्कि समाज में विश्वास कायम करना और कानून के राज के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
बयान में शासन और प्रशासन से अपील की गई कि पूरे मामले में शीघ्र, निष्पक्ष और संवेदनशील पहल करते हुए सभी पक्षों के बीच विश्वास बहाली का प्रयास किया जाए तथा प्रदेश में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इसके अलावा नागरिकों से भी अफवाहों, भड़काऊ बयानबाजी और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक संदेशों से बचने की अपील की गई। वक्तव्य में कहा गया कि उत्तराखंड की पहचान सद्भाव, सहअस्तित्व और आपसी भाईचारे की रही है और इस विरासत को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बयान के अंत में कहा गया कि संकट के समय नेतृत्व की पहचान उसकी उपस्थिति, संवेदनशीलता और निर्णय क्षमता से होती है तथा प्रदेश की जनता वर्तमान परिस्थितियों में इसी नेतृत्व, संवाद और विश्वास की अपेक्षा कर रही है।
