आपदा पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, मानसून से पहले नालियों और कलवर्ट की सफाई पर जोर
पौड़ी। गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में दैवीय आपदाओं से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को स्वीकृत योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) एवं आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाई जाए।

बुधवार को आयुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने शासन स्तर पर लंबित मामलों की नियमित पैरवी कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निगम को स्वीकृति के लिए लंबित 98 योजनाओं की सूची उपलब्ध कराने तथा जल संस्थान को मुख्यालय भेजे गए 97 आगणनों की नियमित मॉनिटरिंग और फॉलोअप करने को कहा।
उन्होंने ग्रामीण निर्माण विभाग को स्वीकृत कार्यों में गति बनाए रखने और प्राप्त धनराशि वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों से स्वीकृत योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट फोटोग्राफ सहित उपलब्ध कराने को कहा गया।
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने आगामी मानसून को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को कलवर्ट, नालियों और स्क्रबर की समय पर सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षाकाल में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि जल्द ही अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही सभी विभागों को आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी कर स्वीकृत परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन और गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी सहित लोक निर्माण विभाग, जल निगम, जल संस्थान, ग्रामीण निर्माण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
