सतपुली झील बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर : सतपाल महाराज
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर बहुउद्देशीय शिविर आयोजित, जनसुनवाई में सुनी गईं समस्याएं
सतपुली। चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय कन्या इंटर कॉलेज परिसर, सतपुली में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में बहुउद्देशीय शिविर एवं जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी तथा आमजन की समस्याएं सुनीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सतपाल महाराज ने कहा कि नयार नदी पर 56 करोड़ 34 लाख 97 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन सतपुली झील परियोजना क्षेत्र के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक झील नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली महत्वाकांक्षी योजना है।
उन्होंने बताया कि झील बनने के बाद सतपुली उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होगा। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा, सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी तथा पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि बोटिंग, कयाकिंग और एंगलिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि गुमखाल से सतपुली तक राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं डामरीकरण का कार्य लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। वहीं 47 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से गुजरखण्ड पम्पिंग पेयजल योजना तथा सतपुली नगरीय पम्पिंग योजना स्वीकृत की गई है, जिससे 40 से अधिक गांवों और पूरे सतपुली नगर क्षेत्र को पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, पेयजल, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण एवं डामरीकरण के साथ-साथ पर्यटन आवास गृह, कार पार्किंग, रैन बसेरा, नगर पंचायत भवन और बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाएं भी पूरी की जा चुकी हैं।
जनसुनवाई के दौरान चार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। शिविर में शिकायत काउंटर पर 42 शिकायतें और 91 मांग-पत्र प्राप्त हुए। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम में संस्कृति विभाग एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा गढ़वाली लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
