तेज हवाओं और बारिश से बाधित बिजली व्यवस्था, अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल
जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की त्वरित कार्रवाई, शेष स्थानों पर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी
पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में गुरुवार रात तेज हवाओं और बारिश के कारण कई स्थानों पर विद्युत लाइनें एवं पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर विद्युत विभाग की टीमों ने रात्रि में ही राहत एवं मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। त्वरित कार्रवाई के चलते अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि शेष स्थानों पर कार्य तेजी से जारी है।

पौड़ी शहर में गिरे पेड़ से प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति
पौड़ी शहर के बीजीआर कैंपस के समीप विद्युत तारों पर पेड़ गिरने से 11 केवी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे पर्यटन विभाग, परिवहन विभाग कार्यालय और आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। विभागीय टीमों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाने और लाइन की मरम्मत का कार्य पूरा किया, जिसके बाद आपूर्ति सुचारू कर दी गई।
नैनीडांडा और थलीसैंण क्षेत्रों में बहाल हुई बिजली
नैनीडांडा ब्लॉक क्षेत्र में 33 केवी लाइन क्षतिग्रस्त होने से मस्टखाल क्षेत्र तथा थलीसैंण ब्लॉक के चाकीसैंण बाजार, तहसील क्षेत्र और आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। विभाग की त्वरित कार्रवाई से शुक्रवार सुबह तक इन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गई।
रिखणीखाल और लैंसडौन क्षेत्र भी प्रभावित
तेज आंधी और बारिश के कारण लैंसडौन क्षेत्र के डेरियाखाल तथा रिखणीखाल ब्लॉक के शंकरपुर, हल्दुखाल (धुमाकोट), टकोलीखाल, पैनो-दो, ढाबखाल, नुनेरा, घोटला-गुडलखेत, कठूड, मरखोला, पैनो-चार, गुठेरता, सेन्धी, कोटा और देवियोखाल बाजार क्षेत्र में भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित रही। विभागीय टीमों ने कई क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी है तथा शेष स्थानों पर मरम्मत कार्य जारी है।
सड़क और पेयजल व्यवस्था भी हुई प्रभावित
ढाबखाल-देवियोखाल मोटर मार्ग पर तीन स्थानों पर पत्थर और मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ था। संबंधित विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मार्ग को हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया है। हालांकि मलबे से पेयजल पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंचा है, जिसकी मरम्मत का कार्य जारी है।

प्रशासन ने दिए सतर्कता के निर्देश
जल संस्थान पौड़ी और श्रीनगर से किसी बड़ी क्षति की सूचना नहीं मिली है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से भी खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभागों को देने की अपील की है।
