वीआईपी काफिले पर बरसे युवा नेता मोहित डिमरी
“ईंधन बचाने का ज्ञान सिर्फ आम जनता के लिए क्यों?”
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और युवा नेता मोहित डिमरी ने भाजपा नेताओं के वीआईपी काफिलों को लेकर सत्तापक्ष पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के देहरादून दौरे के दौरान सड़कों पर निकले भारी-भरकम काफिले और हूटर बजाते वाहनों के वीडियो को साझा करते हुए डिमरी ने इसे वीआईपी संस्कृति और सरकारी संसाधनों की फिजूलखर्ची का उदाहरण बताया।

पीएम की अपील पर उठाए सवाल
मोहित डिमरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आम जनता से पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील का उल्लेख करते हुए सरकार की कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब आम नागरिकों को ईंधन बचाने की सलाह दी जाती है, तब नेताओं के बड़े-बड़े काफिलों को कैसे उचित ठहराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि ईंधन संरक्षण वास्तव में राष्ट्रीय प्राथमिकता है, तो इसकी शुरुआत नेताओं और मंत्रियों के अनावश्यक काफिलों पर अंकुश लगाकर की जानी चाहिए।
“नियम सबके लिए समान होने चाहिए”
युवा नेता ने कहा कि त्याग और बचत की अपेक्षा केवल आम जनता से नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि देशहित के नाम पर जनता पर बोझ डालना और दूसरी ओर नेताओं के लिए अलग व्यवस्था रखना उचित नहीं है।
डिमरी ने कहा कि कानून और नियम चाहे किसी बड़े राजनीतिक नेता पर लागू हों या आम नागरिक पर, सभी के लिए समान होने चाहिए।
वीआईपी कल्चर पर फिर छिड़ी बहस
देहरादून में वीआईपी मूवमेंट के दौरान लगने वाले ट्रैफिक जाम और आम लोगों को होने वाली असुविधा को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। मोहित डिमरी के ताजा बयान के बाद एक बार फिर प्रदेश में वीआईपी संस्कृति बनाम आम आदमी के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है।
हालांकि, इस मामले में भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
