पत्रकार हेम भट्ट के समर्थन में उतरे मोहित डिमरी, बोले— “आर-पार की होगी लड़ाई”
देहरादून। जय भारत टीवी के वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट के साथ कथित पुलिसिया बर्बरता का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी ने हेम भट्ट के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की और पूरे मामले में अपना समर्थन जताया।

मुलाकात के बाद मोहित डिमरी ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बिना किसी दोष और वारंट के सुबह करीब सवा चार बजे पुलिस ने एक सम्मानित पत्रकार के घर पर दबिश दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने हेम भट्ट की पत्नी को अर्ध-नग्न अवस्था में जबरन घर से बाहर निकाला और सुनसान जंगल में ले जाकर भय का माहौल बनाया।
मोहित डिमरी ने कहा कि हेम भट्ट को आशंका थी कि उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कर रासुका (NSA) जैसी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि जनता और पत्रकारों के भारी दबाव के कारण पुलिस को पीछे हटना पड़ा, क्योंकि उनके खिलाफ कोई ठोस आरोप साबित नहीं हो पाया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद मकान मालिक के दबाव में हेम भट्ट को अपना किराए का मकान तक छोड़ना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
वरिष्ठ पत्रकार हेम भट्ट ने कहा कि यदि उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के खिलाफ न्याय नहीं मिला, तो वह अपने परिवार सहित धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। इस पर मोहित डिमरी ने दोटूक कहा कि यदि हेम भट्ट धरने पर बैठते हैं तो वह स्वयं और उनके सैकड़ों समर्थक कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ आंदोलन में शामिल होंगे।
मोहित डिमरी ने कहा कि आज के समय में हेम भट्ट जैसे निडर पत्रकार बहुत कम बचे हैं, जो सच के लिए डटकर खड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि हेम भट्ट इस मामले को लेकर डीजीपी, न्यायालय, पुलिस शिकायत प्राधिकरण और मानवाधिकार आयोग सहित सभी सक्षम मंचों पर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे, ताकि भविष्य में किसी पत्रकार के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।
अंत में मोहित डिमरी ने प्रदेश की जनता और जागरूक नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यह समय सच की आवाज को दबाने के बजाय उसके समर्थन में एकजुट होने का है।
