वन स्टॉप सेंटर एवं विधिक सेवा केंद्र का निरीक्षण, महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर जोर
महिलाओं के अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश
पौड़ी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सोमवार को वन स्टॉप सेंटर, पौड़ी गढ़वाल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम के निर्देशन में संपन्न हुआ।
निरीक्षण के दौरान केंद्र में महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सहायता सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण एवं संचालित योजनाओं का विस्तृत अवलोकन किया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महिलाओं के अधिकारों, घरेलू हिंसा, लैंगिक उत्पीड़न तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर में संचालित विधिक सेवा केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श सेवाओं तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही विधिक जानकारी की समीक्षा की गई। संबंधित कार्मिकों को निर्देशित किया गया कि विधिक सेवाओं का संचालन प्रभावी, संवेदनशील एवं सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं एवं आमजन को समय पर सहायता मिल सके।
निरीक्षण के दौरान महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही परामर्श, चिकित्सीय सहायता, अस्थायी आश्रय एवं विधिक सहायता सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई। साथ ही पीड़ित महिलाओं को त्वरित, सुरक्षित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
इस मौके पर सीडीपीओ आशा रावत, केंद्र प्रशासिका लक्ष्मी रावत, केस वर्कर अमृता रावत, काउंसलर सोनी सोंठियाल एवं अधिकार मित्र विनीता चौधरी उपस्थित रहे।
