सवालों का पहाड़ नहीं काट पाया लोक निर्माण विभाग! एक साल से अधूरा कटान, जेसीबी खड़ी–काम बंद”
*सड़क निर्माण में लापरवाही या सिस्टम की नाकामी?*
द्वारीखाल। मष्टखाल–बाड़ियूं मोटरमार्ग पर मेवाड़ और वरगड्डी के बीच लगभग डेढ़ किलोमीटर पहाड़ी कटान का कार्य पिछले एक साल से अधूरा पड़ा है। हालात यह हैं कि मौके पर जेसीबी मशीन मौजूद है, लेकिन कई दिनों से काम पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है।
अब यह अधूरा कटान सिर्फ सड़क निर्माण का मामला नहीं, बल्कि लोक निर्माण विभाग लैंसडॉन की कार्यशैली पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

सवालों का पहाड़ आखिर एक साल में क्यों नहीं कट पाया?
क्या तकनीकी दिक्कतें वजह हैं, या फिर विभागीय ढिलाई और ठेकेदार की लापरवाही काम में बाधा बनी हुई है?
द्वारीखाल बीडीसी बैठक में जब मीडिया ने इस मुद्दे पर लोक निर्माण विभाग लैंसडॉन के अधिकारियों से जवाब मांगा, तो अधिकारी सीधा जवाब देने से बचते नजर आए। उनका कहना था—
“इसका जवाब देने के लिए हम सक्षम नहीं हैं, एक्शन अधिकृत है।”
अधिकारियों के इस जवाब ने लोगों के बीच और ज्यादा सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक साल बाद भी कटान अधूरा क्यों?
जेसीबी मशीन मौजूद है तो काम बंद क्यों?
कार्य पूर्ण करने की कोई तय समय सीमा है या नहीं?
देरी के लिए जिम्मेदार कौन है?
ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
अधिकारी जवाब देने से आखिर क्यों बच रहे हैं?
इस मोटरमार्ग की वजह से पुल्यासू और मेवाड़ की पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त बताई जा रही है। नतीजा यह कि ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी ढोना पड़ रहा है और परेशानी लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब जनता के सब्र का बांध टूट चुका है। यदि बरसात से पहले सड़क का कार्य पूरा नहीं हुआ, तो जनांदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी विभाग और संबंधित ठेकेदार की होगी।
अब नजर इस बात पर है कि लोक निर्माण विभाग सवालों का जवाब देता है या फिर अधूरा पड़ा यह कार्य और जनता की परेशानी यूं ही लंबी खिंचती रहेगी।
