पौड़ी

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वामी चिदानन्द सरस्वती की दिव्य भेंट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद सरस्वतींके बीच सोमवार को लखनऊ में भेंटवार्ता हुई। इस दौरान उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में विशेष रूप से अयोध्या और प्रयागराज के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विकास पर गहन विचार-विमर्श हुआ। दोनों महानगरों को भारतीय सभ्यता, आस्था और सनातन संस्कृति के जीवंत प्रतीक बताते हुए इनके समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश आज आधारभूत संरचना, सुशासन और औद्योगिक विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और धार्मिक स्थलों के संरक्षण में भी नई पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सौहार्द का वातावरण लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे जनमानस में विश्वास और समृद्धि की भावना बढ़ी है।

स्वामी जी ने कहा कि वास्तविक विकास वही है, जो प्रकृति, संस्कृति और अध्यात्म के संतुलन के साथ आगे बढ़े। उन्होंने नदियों की पवित्रता, पर्यावरण संरक्षण तथा युवाओं में सनातन मूल्यों के संवर्धन पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी सरकार केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं एवं आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी गंभीरता से कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश आज देश की सांस्कृतिक आत्मा के केंद्र के रूप में विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।

इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि जब शासन, संत परंपरा और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तब राष्ट्र वास्तविक अर्थों में उन्नति करता है। उन्होंने जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और नदियों की स्वच्छता को जन आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

भेंटवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती को प्रभु श्रीराम की दिव्य प्रतिमा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही स्वामी जी ने मुख्यमंत्री को परमार्थ निकेतन में आयोजित दिव्य गंगा आरती में सहभागिता हेतु आमंत्रित किया।

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