बाल विवाह के खिलाफ जागरुकता अभियान तेज, 700 से अधिक छात्रों को दी कानूनी जानकारी
पौड़ी। अक्षय तृतीया के मद्देनजर जनपद में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरुकता अभियान तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन एवं जिला परिवीक्षा अधिकारी कार्यालय के नेतृत्व में विभिन्न विद्यालयों में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में श्रीनगर स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज और कोटद्वार के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रमों में 700 से अधिक छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के दुष्प्रभावों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि श्रीनगर के कार्यक्रम में करीब 250 छात्राओं ने भाग लिया, जहां बाल कल्याण समिति सदस्य सुनीता भट्ट ने बाल विवाह निषेध अधिनियम, पॉक्सो एक्ट 2012 और किशोर न्याय अधिनियम 2015 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
वहीं कोटद्वार के कार्यक्रम में लगभग 450 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान बाल कल्याण समिति सदस्य कपिल रतूड़ी ने बाल संरक्षण तंत्र, बच्चों के अधिकारों और संबंधित कानूनों की जानकारी दी। साथ ही चाइल्डलाइन-1098 हेल्पलाइन के बारे में भी जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। शिक्षा और जागरुकता के माध्यम से ही बालिकाओं का सुरक्षित और सशक्त भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
जनपद में 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत इस माह कुल छह विद्यालयों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रमों में विद्यालयों के प्रधानाचार्य, पैरालीगल वॉलंटियर्स एवं अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
