केंद्रीय विद्यालय को आदर्श बनाने की पहल, डीएम ने व्यवस्थाओं का लिया जायज़ा
कोटद्वार में प्रबंधन समिति की बैठक—पढ़ाई के साथ खेल व सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर जोर
सीसीटीवी, इनवर्टर व स्मार्ट क्लास की सुविधा मिलेगी, प्ले एरिया भी होगा विकसित
पौड़ी। जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में कोटद्वार के किशनपुरी स्थित केंद्रीय विद्यालय में विद्यालय प्रबंधन समिति की पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें विद्यालय को आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक से पहले जिलाधिकारी ने कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनके सपनों, पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य साझा किए। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रहने की प्रेरणा दी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कक्षा 1 से 6 तक के नामांकन, शिक्षकों की उपलब्धता, कक्षाकक्षों, शौचालय, कार्यालय और अन्य सुविधाओं का जायज़ा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षकों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र भरा जाए, ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
बैठक में नामांकन बढ़ाने, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और संसाधनों के विस्तार पर मंथन हुआ। जिलाधिकारी ने विद्यालय में स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर और प्रिंटर की स्वीकृति देते हुए क्रय समिति के गठन को भी मंजूरी प्रदान की।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से सीसीटीवी कैमरे, डेस्क और इनवर्टर की मांग रखी गई, जिस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन स्तर से बजट उपलब्ध कराकर जल्द ही ये सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। साथ ही अन्य आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में प्ले एरिया और चिल्ड्रन पार्क विकसित करने की योजना पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल सुविधाएं अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने उपजिलाधिकारी को कार्यकारी समिति के गठन और उसकी नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर विभिन्न विभागों के अधिकारी उन्हें गोद लेकर उनकी शिक्षा में सहयोग करेंगे, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए।
इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्या मनीषा मखीजा ने बताया कि विद्यालय का संचालन 12 जून 2025 से प्रारंभ हुआ है और वर्तमान में शिवाजी, अशोक, टैगोर एवं रमन सदनों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित की जा रही है।
बैठक में नगर आयुक्त पी.एल. शाह, उपजिलाधिकारी संदीप कुमार, अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह, प्रधानाचार्य सुशील कुमार सहित अन्य अधिकारी और अभिभावक उपस्थित रहे।
