गीता आश्रम में स्वामी वेदव्यासानंद सरस्वती की 34वीं पुण्यतिथि श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाई गई
“संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि”
ऋषिकेश। गीता आश्रम में आश्रम संस्थापक ब्रह्मलीन सदगुरुदेव महामंडलेश्वर स्वामी वेदव्यासानंद सरस्वती की 34वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सनातन धर्म परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त स्वामी रसिक जी महाराज की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में अनेक संत-महात्माओं, विशिष्ट अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालु भक्तों ने भाग लेकर पूज्य स्वामी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रमुख रूप से ब्रह्मचारी केशव स्वरूप, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, स्वामी सर्वात्मानंद सरस्वती, महंत कन्हैया दास, राष्ट्र संत योगी उमेश जी, गिरीश डोभाल (राज्य मंत्री, उत्तराखंड), शिक्षाविद रामकृष्ण पोखरियाल, स्वामी आमोद आनंद, त्रिवेंद्र नेगी (मंडल अध्यक्ष, भाजपा लक्ष्मण झूला), आदेश तोमर (अध्यक्ष, नगर कांग्रेस कमेटी), श्रीमती विनीता नौटियाल (अध्यक्ष, महिला मोर्चा), मनीष राजपूत (पूर्व सभासद), गजेंद्र नागर व जितेंद्र धाकड़ (सभासद) सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्वामी रसिक जी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी वेदव्यासानंद सरस्वती जी गीता के अद्भुत व्याख्याता थे, जिन्होंने गीता के संदेश को विश्व पटल तक पहुंचाया। आज भी गीता आश्रम और ‘गीता संदेश’ पत्रिका के माध्यम से उनके विचार समाज को निरंतर प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गीता हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे स्वामी जी ने जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।
ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ. दीपक गुप्ता ने कहा कि गुरुदेव आज भी अपने विचारों के माध्यम से सभी को प्रेरणा दे रहे हैं और ट्रस्ट उनके संकल्पों को साकार करने में निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम का संचालन भानु मित्र शर्मा द्वारा किया गया। इस दौरान आश्रम से प्रकाशित ‘गीता संदेश’ के योग एवं पुरुषार्थ विशेषांक का विमोचन भी किया गया। साथ ही अखंड रामचरितमानस पाठ, गीता पाठ, यज्ञ, भजन-कीर्तन एवं विशाल भंडारे का आयोजन भी संपन्न हुआ।
