पौड़ी

“पशु सखी” बनीं ग्रामीणों की नई उम्मीद

देहरादून। उत्तराखंड सरकार की पहल पर ग्रामीण महिलाओं ने शुरू की “पशु सखी” योजना, जो पशुपालकों और महिलाओं के लिए फायदेमंद साबित हो रही है

पौड़ी गढ़वाल: पहाड़ों के दूरस्थ गांवों में अब पशुओं के उपचार के लिए लंबे इंतजार की समस्या नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू की गई “पशु सखी” योजना ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ पशुपालकों के लिए राहत का कारण बन गई है।

ग्रामोत्थान परियोजना के तहत इस पहल के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। इन प्रशिक्षित महिलाओं को 7 दिन का बेसिक प्रशिक्षण और 15 दिन का ए-हेल्प प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

अब ये महिलाएं घर-घर जाकर पशुओं के प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, टैगिंग, बीमा और देखभाल जैसी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इससे न केवल पशुपालकों को समय और धन की बचत हो रही है, बल्कि पशुओं का उपचार समय पर भी हो रहा है।

आर्थिक रूप से भी यह योजना महिलाओं के लिए लाभकारी साबित हो रही है, क्योंकि उन्हें ग्रामोत्थान परियोजना के तहत आर्थिक सहयोग के साथ प्रोत्साहन राशि भी मिल रही है।

इसके अलावा, पशु सखियों को आवश्यक उपकरणों के साथ स्मार्ट फोन भी दिए गए हैं, जिससे वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी रिपोर्टिंग, सूचना आदान-प्रदान और तकनीकी परामर्श प्राप्त कर रही हैं।

पशु सखियों को प्रशिक्षण देने वाले डॉ. विशाल शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि इन्हें विधिवत टीकाकरण और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे प्रभावी रूप से सेवाएं प्रदान कर पा रही हैं।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि “पशु सखी” पहल से न केवल पशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुदृढ़ हुई है, बल्कि यह योजना महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है और पशुधन की उत्पादकता में सुधार हो रहा है।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *