मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कड़ा कदम: पोखड़ा क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने व नष्ट करने के आदेश
पौड़ी गढ़वाल। विकासखंड पोखड़ा क्षेत्र में बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। जनसुरक्षा, विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को पकड़ने के साथ ही आवश्यक होने पर उसे नष्ट करने की अनुमति प्रदान की गई है।
डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई थी। वन संरक्षक, गढ़वाल वृत्त की संस्तुति के आधार पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 11(1)(क) के तहत गुलदार को पिंजरे में कैद करने, ट्रैंक्युलाईज कर पकड़ने तथा अंतिम विकल्प के रूप में नष्ट करने की अनुमति दी गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल चिन्हित गुलदार के लिए मान्य होगा तथा एक माह तक प्रभावी रहेगा। गुलदार की निगरानी के लिए क्षेत्र में 3 पिंजरे और 20 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही दो लाइसेंसधारी शिकारियों की तैनाती की गई है और ड्रोन सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के दृष्टिगत 6 अप्रैल तक विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। विद्यालय खुलने के बाद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें उन्हें घर से स्कूल तक लाने और वापस छोड़ने की व्यवस्था करेंगी।
इसके अलावा वन विभाग द्वारा ग्रामीणों के लिए पालतू मवेशियों हेतु चारा-पत्ती की व्यवस्था भी की जा रही है। यह व्यवस्थाएं तब तक जारी रहेंगी, जब तक गुलदार को पकड़ा या मार गिराया नहीं जाता और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती।
वन विभाग द्वारा लोगों को सतर्क रहने और सहयोग करने की अपील भी की गई है।
