परमार्थ निकेतन में 9 मार्च से शुरू होगा इंटरनेशनल योगा फेस्टिवल, 80 देशों के 1200 योग साधक होंगे शामिल
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन आश्रम में आयोजित होने वाला विश्वप्रसिद्ध इंटरनेशनल योगा फेस्टिवल इस वर्ष 9 मार्च से प्रारंभ होने जा रहा है। इस महोत्सव के लिए परमार्थ निकेतन परिवार पूरी तरह तैयार है और लगभग 80 देशों से आए करीब 1200 योग साधकों का स्वागत करेगा।
इस प्रतिष्ठित महोत्सव का विधिवत उद्घाटन 9 मार्च को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami द्वारा किया जाएगा। सप्ताहभर चलने वाले इस आयोजन में मंत्रीगण, विभिन्न देशों के राजनयिक, योग गुरु और विशिष्ट अतिथियों की सहभागिता रहेगी।

विश्व स्तर पर प्रसिद्ध इस महोत्सव को Time Magazine, The New York Times और CNN जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया मंचों में व्यापक स्थान मिला है। यह महोत्सव भारत के महान आध्यात्मिक गुरुओं और योग आचार्यों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इसका उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया था, जबकि 2018 में पूर्व उपराष्ट्रपति M. Venkaiah Naidu ने इसका उद्घाटन किया था।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष Swami Chidanand Saraswati और इंटरनेशनल योगा फेस्टिवल की निदेशक Sadhvi Bhagawati Saraswati विश्वभर से आए योग आचार्यों और प्रतिभागियों का हिमालय की गोद में स्थित आश्रम में स्वागत कर रहे हैं। इस वर्ष का महोत्सव योग की सनातन ज्ञान परंपरा को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए प्रतिभागियों को प्रेरणादायक अनुभव प्रदान करेगा।
महोत्सव में विश्व के प्रसिद्ध योगाचार्यों और कलाकारों की सहभागिता भी होगी। प्रमुख योग सत्रों में Shiva Rea, Anand Mehrotra, Kia Miller, Stewart Gilchrist, Dr. H. R. Nagendra और Dr. Ganesh Rao सहित कई प्रतिष्ठित वक्ता अपने विचार साझा करेंगे। वहीं Tommy Rosen, Erica Kaufman और Mohan Bhandari जैसे अंतरराष्ट्रीय योग गुरु योग कक्षाएं आयोजित करेंगे।
संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रसिद्ध कलाकार Drums Shivamani, Runa Rizvi, Kailash Kher और उनके Kailasa Band सहित कई कलाकार भक्ति संगीत, कीर्तन और मंत्रोच्चार की प्रस्तुतियां देंगे, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होगा।
इंटरनेशनल योगा फेस्टिवल की पूर्व संध्या पर International Women’s Day के अवसर पर Ganga River के तट पर विशेष गंगा आरती का आयोजन किया गया, जो नारी शक्ति को समर्पित रही। इस अवसर पर विश्व शांति, एकता और समरसता के लिए प्रार्थना की गई।
इस वर्ष आयोजित होने वाले 38वें इंटरनेशनल योगा फेस्टिवल में प्रतिभागियों को 150 से अधिक योग कक्षाओं, कार्यशालाओं और प्रवचन सत्रों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इनमें कुंडलिनी योग, हठ योग, योग निद्रा, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, ध्वनि चिकित्सा और भारतीय शास्त्रीय संगीत जैसे विविध विषय शामिल हैं।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि आज जब विश्व संघर्ष और असंतोष की पीड़ा से गुजर रहा है, ऐसे समय में योग ही विश्व को शांति और एकता का संदेश दे सकता है। वहीं साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि हिमालय और माँ गंगा की दिव्य ऊर्जा ही इस महोत्सव को विश्वभर के साधकों के लिए विशेष बनाती है।
