विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए जिलाधिकारी की सख्ती, मीटरिंग और ब्रेकडाउन प्रबंधन पर विशेष निगरानी के निर्देश
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, मीटरिंग प्रणाली, बिलिंग दक्षता, उपभोक्ता शिकायत निस्तारण, ब्रेकडाउन प्रबंधन तथा वोल्टेज संबंधी समस्याओं की गहन समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि हाल ही में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविरों में विद्युत व्यवस्था से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों के समाधान और व्यवस्था को अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को निर्बाध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने मीटरिंग प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी लेते हुए मीटर रीडिंग तंत्र, सॉफ्टवेयर प्रणाली और फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इस माह ट्रायल के रूप में मीटरिंग व्यवस्था की विशेष निगरानी की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मीटर रीडिंग सही ढंग से ली जा रही है और उपभोक्ताओं को सटीक बिल प्राप्त हो रहे हैं। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जनपद में मीटर रीडरों की जियो टैग लोकेशन व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने उपभोक्ता शिकायत निवारण हेल्पलाइन 1912 पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। साथ ही इस हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का मासिक प्रगति विवरण निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में झूलते विद्युत तारों की स्थिति पर भी चर्चा की गई और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही विद्युत उपकेंद्रों में होने वाले ब्रेकडाउन की स्थिति में अपनाई जाने वाली एसओपी की समीक्षा करते हुए प्रत्येक विद्युत डिवीजन से वर्ष के दौरान हुए सबसे लंबे 10 ब्रेकडाउन की सूची और उनके कारणों का विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए और विद्युत बहाली का समय न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं लंबे समय तक ब्रेकडाउन की स्थिति पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुआवजा संबंधी मामलों की भी समीक्षा की गई और लंबित मामलों की सूची दो दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही हाई वोल्टेज और लो वोल्टेज की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित करने और तकनीकी सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान पौड़ी और नैनीडांडा क्षेत्रों में बिलिंग दक्षता कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कारणों की पहचान कर बिलिंग व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
बैठक में अधिशासी अभियंता पौड़ी अभिनव रावत, श्रीनगर गोपाल सिंह रावत, सहायक अभियंता श्रीनगर उदित पंवार, एसडीओ गोविंद रावत सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित
