पौड़ी

नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल ने रचा इतिहास, साहसिक पर्यटन के उभरते केंद्र के रूप में नयार घाटी की नई पहचान

बिलखेत/पौड़ी गढ़वाल। जनपद पौड़ी के सतपुली–बिलखेत क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल ने रोमांच, प्रकृति और लोकसंस्कृति का ऐसा संगम प्रस्तुत किया, जिसने नयार घाटी को साहसिक पर्यटन के उभरते केंद्र के रूप में राष्ट्रीय पहचान दिलाई। महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया।

महोत्सव के दौरान बांघाट से व्यासघाट तक नयार नदी की धाराओं में कयाकिंग और एंगलिंग की रोमांचक प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहीं। देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने तेज जलधाराओं के बीच साहस और तकनीकी कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एंगलिंग प्रतियोगिता “कैच एंड रिलीज” पद्धति के तहत आयोजित की गई, जिससे साहसिक पर्यटन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश भी प्रसारित हुआ।

दूसरे दिन रोमांच चरम पर रहा। हॉट एयर बैलून, पैरामोटरिंग और टेंडम पैराग्लाइडिंग ने आसमान को रंगों से भर दिया, जबकि खिर्सू से बिलखेत तक आयोजित माउंटेन बाइकिंग प्रतियोगिता ने युवाओं के साहस और सहनशक्ति की परीक्षा ली। नदी तट पर कयाकिंग और एंगलिंग गतिविधियों को देखने के लिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। सुरक्षा, चिकित्सा और तकनीकी व्यवस्थाओं के पुख़्ता इंतजामों के बीच आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

सांस्कृतिक संध्याओं ने महोत्सव को विशिष्ट आयाम प्रदान किया। पहली संध्या सुप्रसिद्ध लोकगायक संकल्प खेतवाल के मधुर गीतों से सराबोर रही, वहीं दूसरी संध्या जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के नाम रही। उनके जागरों और लोकगीतों ने पूरी घाटी को लोकसंस्कृति के रंग में रंग दिया।

समापन दिवस पर माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग और पैराग्लाइडिंग सहित विभिन्न साहसिक स्पर्धाओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत एवं टीम स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के साहस, खेल भावना और अनुशासन की सराहना की गई।

इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि नयार घाटी साहसिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील क्षेत्र है। ऐसे आयोजन क्षेत्र को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार के अवसर भी सृजित करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर पेशेवर रूप से तैयार करना है, ताकि पर्यटन आधारित आजीविका को स्थायी स्वरूप दिया जा सके।

तीन दिनों तक चले इस महोत्सव ने यह सिद्ध कर दिया कि प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित और योजनाबद्ध उपयोग से पर्यटन के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है। नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि नयार घाटी को “एडवेंचर हब” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त पहल बनकर उभरा है।

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