बा की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन से भावपूर्ण श्रद्धांजलि, गंगा आरती राष्ट्र सेवा को समर्पित
ऋषिकेश। कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि पर परमार्थ निकेतन से उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आयोजित गंगा आरती ‘बा’ की राष्ट्र सेवा और त्यागमय जीवन को समर्पित रही।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष एवं स्वामी शुकदेवानन्द ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि ‘बा’ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की मौन शक्ति, सत्याग्रह की सहयात्री और सेवा, सहनशीलता तथा त्याग की साक्षात प्रतिमूर्ति थीं।

उन्होंने कहा कि बा का जीवन सादगी और संस्कारों से ओतप्रोत था। दक्षिण अफ्रीका से लेकर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन तक वे हर कदम पर महात्मा गांधी के साथ दृढ़ता से खड़ी रहीं। जेल यात्राएँ, कठिन परिस्थितियाँ और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद उनका संकल्प कभी डगमगाया नहीं।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि आज जब समाज भौतिकता और प्रतिस्पर्धा की ओर अग्रसर है, तब बा का जीवन संयम, सहनशीलता और सामूहिक उत्तरदायित्व का संदेश देता है। उन्होंने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति संतुलित कर्तव्य निभाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने बा के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी के लिए बा का जीवन मूल्यों की पाठशाला है और उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
गंगा तट पर सम्पन्न आरती के दौरान राष्ट्र सेवा, नारी शक्ति और संस्कारित समाज निर्माण का संकल्प दोहराया गया।
