लालढांग–चिल्लरखाल मोटरमार्ग को हरी झंडी, सुप्रीम कोर्ट की रोक हटी
*निजी वाहनों को अनुमति, कोटद्वार–हरिद्वार की दूरी होगी 30 किमी कम*
कोटद्वार/पौड़ी गढ़वाल। दशकों पुरानी जन मांग के बाद लालढांग–चिल्लरखाल मोटरमार्ग को आखिरकार राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगी रोक हटने के बाद इस मार्ग पर निजी वाहनों के संचालन की अनुमति मिल गई है, जबकि व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग से अनुमति ली जाएगी। स्वीकृति की खबर मिलते ही क्षेत्र की जनता में खुशी की लहर दौड़ गई है। इसे लगातार जनसंघर्ष और लंबे समय से चल रहे धरने की बड़ी जीत माना जा रहा है।

लालढांग–चिल्लरखाल मोटरमार्ग लंबे समय से स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग रहा है। समय-समय पर क्षेत्रवासियों ने आक्रोश रैलियां निकालीं और पिछले कई महीनों से चिल्लरखाल में धरना भी जारी था। अब अनुमति मिलने के बाद लोगों ने इसे क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
करीब 11.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का 4.5 किलोमीटर हिस्सा राजाजी टाइगर रिजर्व और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के मध्य से होकर गुजरता है। विशेष रूप से चमारी मोड़ से सिगड़ी तक का क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है, जहां पर्यावरणीय दृष्टि से विशेष सावधानी बरती जाएगी।
इस मोटरमार्ग के शुरू होने से कोटद्वार से हरिद्वार की दूरी लगभग 30 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को समय और ईंधन की बचत होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
