सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यशाला आयोजित, साइबर सुरक्षा व एआई के जिम्मेदार उपयोग पर जोर
पौड़ी। सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य इंटरनेट एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित, जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।

कार्यशाला में प्रभारी जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला ने प्रतिभागियों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, साइबर स्वच्छता अपनाने और प्रमुख साइबर खतरों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने फिशिंग, ओटीपी/यूपीआई धोखाधड़ी, हानिकारक एवं जासूसी सॉफ्टवेयर, डीपफेक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित आवाज़ की ठगी तथा निवेश संबंधी धोखाधड़ी जैसे मामलों को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की।
उन्होंने डिजिटल अरेस्ट की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि साइबर अपराधी कई बार स्वयं को पुलिस या अन्य एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराने और उनसे धन ऐंठने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी दबाव में न आने तथा तथ्यों का तुरंत सत्यापन करने की सलाह दी गई।
प्रभारी जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने मजबूत पासवर्ड रखने, बहु-स्तरीय सत्यापन (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) अपनाने, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने, किसी के साथ ओटीपी साझा न करने और संदिग्ध लिंक या संदेशों से बचने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। साथ ही यह भी जानकारी दी कि इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता परियोजना के तहत एनआईसी व अन्य एजेंसियों के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर भी यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुसुम तड़ियाल, नायब तहसीलदार पूरण प्रकाश रावत, जिला खेल समन्वयक योगम्बर सिंह नेगी सहित कलेक्ट्रेट के अधिकारी, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यालयी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
