गढ़वाली फिल्म “जलमभूमि” 6 फरवरी 2026 को होगी रिलीज़, जड़ों से जुड़ने का सशक्त संदेश देती कहानी
गढ़वाली सिनेमा को नई दिशा देने जा रही फिल्म “जलमभूमि” एक भावनात्मक और प्रेरणादायक कहानी के माध्यम से पारिवारिक मूल्यों, त्याग और जिम्मेदारी को बड़े परदे पर प्रस्तुत करती है। यह फिल्म एक पिता के अधूरे सपनों, एक माँ के निस्वार्थ संघर्ष और एक भाई के मौन त्याग के सहारे आगे बढ़ती है।

फिल्म की कहानी उस समय नया मोड़ लेती है जब छोटा भाई डॉक्टर बनकर शहर से अपने गाँव लौटता है। उसकी यह वापसी केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, सामाजिक जिम्मेदारी और कर्तव्य की ओर लौटने का प्रतीक बन जाती है। “जलमभूमि” यह संदेश देती है कि सच्ची प्रगति शहरों की चकाचौंध में नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी से जुड़े रहकर समाज को कुछ लौटाने में निहित है।
यह फिल्म आशा फिल्म्स के बैनर तले निर्मित की गई है, जिसका निर्देशन के. राम नेगी एवं अनुज जोशी ने संयुक्त रूप से किया है। फिल्म के सिनेमैटोग्राफर हरीश नेगी हैं, जबकि संपादन दिल नवाज फारुकी द्वारा किया गया है। संगीत निर्देशन संजय कुमोला ने संभाला है और पार्श्व संगीत दीपक ने दिया है।
“जलमभूमि” 6 फरवरी 2026 को दिल्ली एनसीआर एवं उत्तराखंड के विभिन्न सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज़ होने जा रही है। यह फिल्म उत्तराखंड सिनेमा को एक नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान करेगी।
फिल्म से क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है और दर्शकों को अपनी संस्कृति, संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का यह एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
