खाण्डयूसैंण जिला कारागार में सादगी व सकारात्मक सोच के साथ मनाया गया जेल दिवस
पौड़ी। जनपद के खाण्डयूसैंण स्थित जिला कारागार में शनिवार को जेल दिवस का आयोजन सादगी एवं सकारात्मक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम जेल अधीक्षक कौशल कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
जेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, सुधार और नए संकल्प का दिन है। उन्होंने कहा कि कारागार को केवल दंड का स्थान न मानकर सुधार, आत्मबोध और नए जीवन की शुरुआत का केंद्र बनाया जाना चाहिए। यही जेल दिवस मनाने का वास्तविक उद्देश्य है।

उन्होंने बताया कि भविष्य में बंदियों के कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए कारागार में बेकरी यूनिट तथा लॉन्ड्री (धुलाई) यूनिट की स्थापना का प्रस्ताव किया जाएगा, ताकि बंदी रिहाई के बाद स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम के दौरान बंदियों के पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता से जुड़ी भविष्य की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। जेल दिवस के अवसर पर बंदियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसमें महिला बंदियों ने गीत गाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसके अतिरिक्त विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कैरम प्रतियोगिता में लोकेंद्र थापा एवं रवि, लूडो में पारितोष कुमार एवं मोहम्मद इरफान तथा शतरंज प्रतियोगिता में अजय उर्फ अज्जू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं वॉलीबॉल एवं रस्साकशी प्रतियोगिताओं में बंदियों ने समूहों में भाग लेकर उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया।
खेल प्रतियोगिताओं के विजेता बंदियों को उनके दैनिक उपयोग में आने वाली सामग्री पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई। प्रथम पुरस्कार के रूप में बाल्टी, द्वितीय पुरस्कार के रूप में टिफिन तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में पानी की बोतल प्रदान की गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत एक मानवीय पहल के रूप में “लेटर टू फैमिली” अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत ऐसे बंदियों ने अपने परिजनों को पत्र लिखे जिनकी नियमित मुलाकात नहीं हो पाती है। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को भावनात्मक संबल प्रदान करना एवं पारिवारिक संबंधों को सुदृढ़ बनाना है।
जेल दिवस का समापन सुधार, सकारात्मक सोच एवं पुनर्वास के संदेश के साथ किया गया।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
