उच्च शिक्षण संस्थानों में होंगे उद्यमिता जागरूकता सत्र
राजकीय पॉलिटेक्निक श्रीनगर से रोजगार जागरूकता कार्यशालाओं की शुरुआत, स्वरोजगार, स्टार्टअप और प्लेसमेंट की दी जानकारी
पौड़ी। युवाओं को आत्मनिर्भर, रोजगारपरक और उद्यमशील बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मंगलवार को राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान श्रीनगर में उद्योग विभाग के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय उद्यमिता एवं स्वरोजगार जागरूकता कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, लघु उद्योग, पर्यटन आधारित उद्यम और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारपरक अवसरों से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जनपद के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में उद्यमिता एवं स्वरोजगार जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं का मार्गदर्शन केवल सरकारी नौकरी की तैयारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। निजी क्षेत्र में प्लेसमेंट, स्टार्टअप, स्वरोजगार, उद्यमिता और सेवा क्षेत्र में भी रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को समय पर करियर परामर्श, कौशल प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिले तो वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल और शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने संस्थान के प्लेसमेंट प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों की प्रोफाइलिंग कर उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी अपना उद्यम स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कार्यशालाओं को संवादात्मक बनाने और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान प्राथमिकता से करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पॉलिटेक्निक की स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं के संबंध में प्रस्ताव मिलने पर जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।
मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि वर्तमान समय नवाचार और नए विचारों का है। युवाओं को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप कार्यक्षेत्र का चयन कर सकारात्मक सोच के साथ जोखिम उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि अपुणी सरकार पोर्टल पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध है। युवाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपना उद्यम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा, तकनीकी शिक्षा में हो रहे बदलाव और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को स्वयं को तैयार करने के उपायों की जानकारी दी। जिला सेवायोजन कार्यालय की ओर से रोजगार पंजीकरण, करियर काउंसलिंग, रोजगार मेलों और अन्य सेवाओं के बारे में भी बताया गया।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, स्टार्टअप एवं उद्यमिता विकास योजनाओं, बैंक ऋण, सब्सिडी, परियोजना तैयार करने की प्रक्रिया और कौशल विकास प्रशिक्षण सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। पर्यटन, होमस्टे, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, सेवा क्षेत्र, डिजिटल उद्यम और स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यवसाय की संभावनाओं से भी उन्हें अवगत कराया गया।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए उद्यमिता, स्टार्टअप और स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे।
इस दौरान जिलाधिकारी ने पॉलिटेक्निक संस्थान के कक्षाकक्षों, विभिन्न शाखाओं और प्लेसमेंट व्यवस्था का निरीक्षण किया। प्लेसमेंट सेल की प्रभारी रीना नवानी ने बताया कि संस्थान के विद्यार्थियों का विभिन्न राष्ट्रीय कंपनियों में प्लेसमेंट कराया जाता है। जिलाधिकारी ने सिडकुल स्थित औद्योगिक इकाइयों से भी समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों के लिए अधिक से अधिक रोजगार एवं प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
संस्थान की प्राचार्या डॉ. भारती ने कार्यशाला के आयोजन के लिए जिला उद्योग केंद्र का आभार जताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण कौशल विकास आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार की संभावनाओं का लाभ उठाकर युवा अपना भविष्य संवारने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, उप जिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, लीड बैंक प्रबंधक किशन रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षण स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
