पौड़ी

नंदा गौरा योजना बनी पहाड़ की बेटियों के सपनों की मजबूत आधारशिला, पांच वर्षों में 15 हजार से अधिक बालिकाएं लाभान्वित

पौड़ी गढ़वाल। पहाड़ की बेटियों के सपनों को साकार करने में नंदा गौरा योजना जनपद पौड़ी गढ़वाल में उम्मीद की एक सशक्त मिसाल बनकर उभरी है। यह योजना शिक्षा से लेकर आत्मनिर्भरता तक बालिकाओं को संबल प्रदान कर रही है। साथ ही समाज में लैंगिक असमानता को दूर करने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने में भी अहम भूमिका निभा रही है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के प्रथम चरण में बालिका के जन्म के समय ही आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में वर्ष 2025–26 में जनपद की 227 बालिकाओं को प्रति बालिका 11 हजार रुपये की सहायता दी गई, जिस पर कुल 24 लाख 25 हजार रुपये व्यय हुए। इससे न केवल संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिला है, बल्कि परिवारों में बालिका के प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित हुई है।

उन्होंने बताया कि योजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 में जनपद की 1990 इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बालिकाओं को प्रति बालिका 51 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई। इसके माध्यम से कुल 10 करोड़ 14 लाख 90 हजार रुपये की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिए लाभार्थियों के खातों में भेजी गई, जिससे बालिकाओं की उच्च शिक्षा और कैरियर निर्माण को मजबूती मिल रही है।

नंदा गौरा योजना के अंतर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल में वर्ष 2021 से 2026 तक बालिकाओं को निरंतर लाभान्वित किया गया है। इस अवधि में योजना के प्रथम चरण में 2207 बालिकाएं तथा द्वितीय चरण में 12,874 बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं। इस प्रकार पांच वर्षों में कुल 15,081 बालिकाओं को योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

वर्षवार आंकड़ों की बात करें तो 2021–22 में 4278, 2022–23 में 3251, 2023–24 में 3294, 2024–25 में 2041 तथा 2025–26 में 2217 बालिकाएं योजना से लाभान्वित हुईं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि नंदा गौरा योजना जनपद में बालिका जन्म से लेकर शिक्षा तक सुरक्षा और सशक्तिकरण की मजबूत कड़ी बन चुकी है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ डीबीटी के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नंदा गौरा योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बालिकाओं के आत्मविश्वास, शिक्षा और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र बालिका इस योजना से वंचित न रहे।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल

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