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अंकिता भंडारी हत्याकांड: वनन्तरा में उमड़ा जनसैलाब, VIP पर कार्रवाई की मांग तेज

ऋषिकेश। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर रविवार को मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग वनन्तरा रिजॉर्ट क्षेत्र में एकत्रित हुए। जैसे-जैसे इस जघन्य हत्याकांड में कथित VIP नामों और चर्चित चेहरों की चर्चा सामने आ रही है, वैसे-वैसे जनता का आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा वनन्तरा क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान वनन्तरा रिजॉर्ट की ओर बढ़ने को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बनी। इसी दौरान मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के संयोजक लुशुन टोडरिया पुलिस बल से उलझते हुए नजर आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह जन आंदोलन जारी रहेगा।

संयोजक लुशुन टोडरिया ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या कोई साधारण अपराध नहीं, बल्कि सत्ता–संरक्षण में पनपे अपराध तंत्र का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब तक कथित VIP चेहरों सहित सभी संलिप्त लोगों को सार्वजनिक रूप से कटघरे में लाकर कठोरतम सजा नहीं दी जाती, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की बैरिकेडिंग और दबाव से जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

संघर्ष समिति के संस्थापक संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। इसी क्रम में आगामी 30 दिसंबर को देहरादून में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जन आंदोलनों से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि एकजुट होकर ठोस रणनीति बनाई जा सके।

महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका कुसुम जोशी ने कहा कि अपनी ही भूमि पर अपनी पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए जनता को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष अपने ही लोगों को बचाने के लिए देवभूमि का अपमान कर रहा है।

संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिमांशु रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शुरू से ही कथित VIP को बचाने का प्रयास कर रही है, लेकिन उत्तराखंड की जनता अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है।

यमकेश्वर प्रभारी सुदेश भट्ट ने कहा कि यदि कथित VIP के रूप में दुष्यंत गौतम का नाम सामने आ रहा है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।

पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने भी दुष्यंत गौतम को जांच के लिए तत्काल बुलाने और पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराने की मांग की।

जिला पंचायत सदस्य पुष्पा रावत ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी VIP पर कार्रवाई न होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।

संघर्ष समिति के राकेश नेगी और प्रमोद काला ने कहा कि अंकिता भंडारी के न्याय की लड़ाई अब प्रदेश स्तर पर लड़ी जाएगी और दोषियों को फांसी से कम कोई सजा स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस दौरान संजय सिलस्वाल, विकास रयाल एवं ऊषा डोभाल द्वारा प्रस्तुत जनगीतों के माध्यम से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और सत्ता–संरक्षण के खिलाफ जनसंदेश दिया गया।

प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि कथित ‘गट्टू’ VIP सहित सभी संलिप्त लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएं, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए गए सभी लोगों को फांसी की सजा दी जाए।

इस अवसर पर ऋषिकेश महापौर के पूर्व प्रत्याशी दिनेश चंद मास्टर सहित अनेक सामाजिक, राजनीतिक और जन आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि अब भी दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया, तो यह जन आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।

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