अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल बदहाली का शिकार, UKD नेताओं ने जताई चिंता
दुगड्डा/कोटद्वार। उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता एवं राज्य आंदोलनकारी डॉ. शक्तिशैल कपरवाण के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने नाथूपुर दुगड्डा स्थित अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद स्मारक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवानी सिंह रावत की समाधि स्थल का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल में कोटद्वार महानगर अध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत, पूर्व केंद्रीय महामंत्री सत्य प्रकाश भारद्वाज, पूर्व केंद्रीय सचिव सत्यपाल सिंह नेगी तथा कोटद्वार महानगर महामंत्री भारत मोहन काला भी शामिल रहे।

इस दौरान नेताओं ने कहा कि यह स्थल ऐतिहासिक महत्व का होने के बावजूद सरकार और प्रशासन की लापरवाही के चलते उपेक्षित अवस्था में है। डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि स्मारक की देखरेख नगर पालिका के अधीन है या ग्राम पंचायत के, ताकि जिम्मेदारी तय कर नियमित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1930 में चंद्रशेखर आज़ाद भवानी सिंह रावत एवं अन्य क्रांतिकारियों के आग्रह पर नाथूपुर दुगड्डा आए थे, जहां उन्होंने निशानेबाजी का अभ्यास किया था। जिस पेड़ पर वे निशाना साधते थे, वह आज भी जर्जर अवस्था में विद्यमान है, जो प्रशासनिक उपेक्षा का प्रतीक बन चुका है।
डॉ. कपरवाण ने कहा कि वर्ष 1931 में जब अंग्रेज पुलिस ने चंद्रशेखर आज़ाद को घेर लिया तो उन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपनी कनपट्टी पर गोली मारकर बलिदान दे दिया और अमर हो गए।
इस अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने स्मारक एवं समाधि स्थल की स्वयं साफ-सफाई कर अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवानी सिंह रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं नियमित देखभाल की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
