भाजपा पदाधिकारी के दो वोटर कार्ड मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने शुरू की जांच प्रक्रिया
देहरादून। मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के संयोजक लूशुन टोडरिया द्वारा भेजे गए पत्र का संज्ञान लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखंड ने भाजपा पदाधिकारी के वोटर कार्ड की जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है। टोडरिया ने कुछ दिन पूर्व राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त, उत्तराखंड को पत्र सौंपते हुए शिकायत की थी कि उत्तराखंड भाजपा किसान मोर्चा के सोशल मीडिया सह-प्रभारी प्रभात कुमार ने दो अलग-अलग वोटर कार्ड बनवाकर उत्तराखंड एवं बिहार विधानसभा चुनावों में मतदान किया है।

लूशुन टोडरिया ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ईमेल के माध्यम से प्रभात कुमार के दो अलग-अलग सक्रिय वोटर कार्ड तथा अलग-अलग राज्यों में मतदान करने से जुड़े प्रमाण भी उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि दो वोटर कार्ड रखना कानूनी अपराध है और यदि प्रभात कुमार ने उत्तराखंड एवं बिहार दोनों राज्यों में मतदान किया है, तो निर्वाचन आयोग को उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
टोडरिया को मुख्य निर्वाचन आयुक्त, उत्तराखंड की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें इस मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी देहरादून एवं अन्य संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए टोडरिया ने कहा कि वे आगे भी ऐसे मामलों से जुड़े प्रमाण निर्वाचन अधिकारियों को उपलब्ध कराते रहेंगे और उत्तराखंड में वोट चोरी एवं वोटर कार्ड घोटालों को रोकने का प्रयास जारी रखेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर जहां उत्तराखंड के मूल निवासियों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिना समुचित जांच के अन्य राज्यों के लोगों के नाम उत्तराखंड की वोटर लिस्ट में जोड़े जा रहे हैं। इससे राज्य में लाखों फर्जी मतदाता पंजीकृत हो चुके हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।
लूशुन टोडरिया ने इसे गंभीर गैरकानूनी एवं असंवैधानिक कृत्य बताते हुए कहा कि इससे मूल निवासियों के अधिकारों पर सीधा कुठाराघात हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति उत्तराखंड में दूसरे राज्यों के फर्जी मतदाताओं के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाएगी, ताकि मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
