पौड़ी

धनतेरस पर परमार्थ निकेतन में दीपावली मिलन एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस, स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने किए अनेक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों की घोषणा

ऋषिकेश। स्वास्थ्य, समृद्धि और शुद्धता के प्रतीक धनतेरस पर्व के शुभ अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में दीपावली मिलन एवं विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने क्षेत्र एवं प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए आगामी दिनों में कई निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की घोषणा की।

स्वामी जी ने कहा कि “धनतेरस केवल धन के पूजन का पर्व नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, आरोग्य और शुद्ध जीवन का उत्सव है। यह दिन हमें अपने और समाज के स्वास्थ्य के प्रति संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।” उन्होंने कहा कि आरोग्य ही सबसे बड़ा धन है, क्योंकि जब शरीर स्वस्थ रहता है तो जीवन में आनंद, समृद्धि और सेवा की भावना स्वतः जागृत होती है।

स्वामी जी ने कहा कि पर्वों को केवल उत्सव न बनाकर उन्हें जनकल्याण का माध्यम बनाना ही सच्ची आराधना है। इसी भावना को साकार करते हुए परमार्थ निकेतन ने धनतेरस के पावन अवसर पर तीन प्रमुख निःशुल्क चिकित्सा शिविरों की घोषणा की है —

1. 1 व 2 नवम्बर: हृदय रोग चिकित्सा शिविर — इसमें प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ एवं चिकित्सा संस्थान भाग लेंगे। प्राथमिक जांच, परामर्श, ईसीजी, बोन डेन्सिटी, ब्लड टेस्ट, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और फ्री दवाइयां आदि सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क होंगी।

2. 2 से 12 नवम्बर: मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर — भारत सहित विश्व के अनेक देशों से वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञों की टीम द्वारा निःशुल्क जांच एवं ऑपरेशन किए जाएंगे। यह शिविर विशेष रूप से पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए उपयोगी रहेगा।

3. 21 व 22 नवम्बर: मर्म शक्ति चिकित्सा शिविर — पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति पर आधारित यह शिविर मर्म थेरेपी के माध्यम से दर्द निवारण और शारीरिक संतुलन पुनःस्थापित करने में सहायक होगा।

इस अवसर पर परमार्थ निकेतन में आयोजित पाँच दिवसीय एक्यूपंचर चिकित्सा शिविर का सफल समापन भी हुआ। इस निःशुल्क शिविर में 600 से अधिक रोगियों ने लाभ प्राप्त किया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने एक्यूपंचर के माध्यम से दर्द निवारण, तनाव नियंत्रण और स्वास्थ्य संवर्धन के उपाय प्रदान किए।

शिविर के समापन अवसर पर रुद्राक्ष का पौधा रोपण किया गया, जिसके माध्यम से हरित और सतत जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने प्रदेशवासियों, साधु-संतों, युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों से आह्वान किया कि वे इन चिकित्सा शिविरों में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें और स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने में सहयोग करें।

उन्होंने कहा, “जब हम दीप जलाते हैं तो केवल घर नहीं, हृदय भी प्रकाशित होता है। स्वास्थ्य के दीप जलाकर हम समाज के हर कोने में आशा और जीवन की ज्योति फैला सकते हैं।”

अंत में स्वामी जी ने कहा कि आने वाले समय में परमार्थ निकेतन स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता से जुड़े और भी जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा तथा सभी श्रद्धालुओं से समाज में ‘स्वास्थ्य के दीप प्रज्वलित करने’ का आह्वान किया।

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, ऋषिकेश

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