राजकीय मानदेय परिधि में शामिल करने की एक सूत्रीय मांग को लेकर पीटीए शिक्षकों का प्रदर्शन
देहरादून। अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पीटीए शिक्षकों ने सोमवार को परेड ग्राउंड से गांधी पार्क तक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

संघ के अध्यक्ष नीरज कुमार ने कहा कि पीटीए शिक्षक पिछले आठ वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सरकारी योजनाओं से वंचित रखा गया है। सरकार द्वारा राजकीय मानदेय से भी बाहर रखा गया है और जो मानदेय मिलता है वह भी समय पर प्राप्त नहीं होता। उन्होंने कहा कि जैसे वर्ष 2003, 2007, 2011 और 2016 में पीटीए शिक्षकों को राजकीय मानदेय का लाभ दिया गया था, उसी तरह वर्तमान में भी उन्हें मानदेय की परिधि में शामिल किया जाना चाहिए।
अन्य शिक्षकों ने बताया कि जून 2016 के बाद से अशासकीय विद्यालयों के पीटीए शिक्षक मानदेय से वंचित हैं। कई बार सरकार को ज्ञापन दिया गया और प्रदर्शन किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। सचिवालय में लगभग 210 शिक्षकों की फाइलें लंबित हैं, इसके बावजूद सरकार उदासीन बनी हुई है, जिसके चलते शिक्षकों को मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा है।

शिक्षकों का कहना है कि जिस देश में शिक्षक सड़कों पर आंदोलन करने को विवश हों, वहां शिक्षा व्यवस्था और बच्चों का भविष्य प्रभावित होना तय है।
