विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी पर शैलशिल्पी संगठन का आरोप
*एक वर्ष पूर्व सौंपे गए चार सूत्रीय मांगपत्र पर अब तक कार्रवाई न होने से समाज में रोष*
कोटद्वार। शैलशिल्पी विकास संगठन ने विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार की विधायक श्रीमती ऋतु खंडूड़ी भूषण पर अनुसूचित जाति समाज के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। संगठन ने कहा कि एक वर्ष पूर्व 6 सितंबर 2024 को पौड़ी क्रांति दिवस के अवसर पर आयोजित सातवें शैलशिल्पी पराक्रम दिवस समारोह में संगठन ने विधायक को चार सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर कार्यवाही नहीं हुई।

(6 सितंबर 2024 को आयोजित 7 वें शैलशिल्पी पराक्रम दिवस की फाइल फोटो)
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विकास कुमार आर्य ने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि उनकी कार्यनीति भेदभावपूर्ण है। संगठन ने जिन चार मांगों को उनके समक्ष रखा था, वे निम्नलिखित थीं—
1. तहसील परिसर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने हेतु तहसील प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिलवाना।
2. पेशावर क्रांति (23 अप्रैल 1930) एवं पौड़ी क्रांति (6 सितंबर 1932) की वर्षगांठ पर नायकों चंद्र सिंह गढ़वाली व कर्मवीर जयानंद भारतीय की स्मृति में विद्यालयों में राजकीय कार्यक्रम आयोजित कराने का शासनादेश जारी कराना।
3. कोटद्वार नगर क्षेत्र के जयानंद भारतीय मार्ग के सामने स्थित चौक पर कर्मवीर जयानंद भारतीय की प्रतिमा स्थापित कर चौक का नामकरण “उत्तराखंड रत्न कर्मवीर जयानंद भारतीय चौक” करना।
4. वार्ड संख्या 22 सिम्मलचौड़ में जयानंद भारतीय की स्मृति में पुस्तकालय हेतु भूमि उपलब्ध कराना, क्योंकि बीते 8 वर्षों से संगठन किराए के भवन में विपरीत परिस्थितियों में पुस्तकालय चला रहा है।
संगठन ने कहा कि ये मांगें बहुत बड़ी नहीं थीं, लेकिन विधायक द्वारा किसी भी मांग का संज्ञान न लिए जाने से समाज में गहरा रोष है।
