पौड़ी क्रांति दिवस की स्मृति में गुमखाल में होगा आठवां शैलशिल्पी पराक्रम समारोह
कोटद्वार/ गुमखाल। गढ़वाल में स्वतंत्रता आंदोलन के ऐतिहासिक पौड़ी क्रांति दिवस (6 सितंबर 1932) की 93वीं वर्षगांठ हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर शैलशिल्पी विकास संगठन द्वारा आठवां शैलशिल्पी पराक्रम दिवस समारोह आगामी 6 सितंबर 2025 को सदभावना होटल एवं वैडिंग प्वाइंट, लक्ष्मणझूला मार्ग, गुमखाल में आयोजित किया जाएगा।

इस दिन को गढ़वाल के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, क्रांतिकारी समाज सुधारक एवं डोला-पालकी आंदोलन के प्रणेता कर्मवीर जयानंद भारतीय के पराक्रमी जीवन की स्मृति में विशेष रूप से मनाया जाता है।
पौड़ी क्रांति दिवस का ऐतिहासिक महत्व
6 सितंबर 1932 को कर्मवीर जयानंद भारतीय ने अंग्रेज गवर्नर मैल्कन हेली के लिए पौड़ी में आयोजित स्वागत दरबार को खंडित करते हुए गवर्नर के सामने तिरंगा झंडा लहराया और “गो बैक मैलकन हेली, भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद” के नारे लगाए।
उस समय कांग्रेस पर प्रतिबंध था और अंग्रेज सरकार के खिलाफ आवाज उठाना मौत को दावत देने जैसा था। इस घटना ने यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता संग्राम का आंदोलन हिमालय की चोटियों तक पहुँच चुका है।
शैलशिल्पी विकास संगठन वर्ष 2018 से इस दिन को शैलशिल्पी पराक्रम दिवस के रूप में मनाता आ रहा है। संगठन का कहना है कि यह दिन गढ़वालवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक है।
इस अवसर पर शैलशिल्पी विकास संगठन ने क्षेत्रवासियों से कार्यक्रम में शामिल होकर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करने की अपील की है।
प्रेषक:
विकास कुमार आर्य, प्रदेश अध्यक्ष
शैलशिल्पी विकास संगठन
मुख्यालय – कोटद्वार गढ़वाल, उत्तराखंड
📞 9368474042
