वन विभाग से ग्रामीणों की मांग पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ा जाए
पौड़ी। सतपुली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार/बाघ का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। 20 अगस्त से अब तक कई मवेशी गुलदार के हमले का शिकार हो चुके हैं, वहीं स्थानीय लोग भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

ताज़ा घटनाओं में —
29 अगस्त की रात 1:00 बजे कुल्हाड़ गांव में आशा देवी पत्नी जसवंत सिंह के घर से गुलदार कुत्ते को उठा ले गया।
30 अगस्त की सुबह 6:00 बजे रीना देवी पत्नी राजवीर सिंह, ग्राम जोगा में हमला हुआ।
उसी दिन दोपहर 12:00 बजे कुल्हाड़ गांव में गुड्डी देवी पत्नी गब्बर सिंह की गाय को गुलदार ने घायल कर दिया।
शाम 4:00 बजे ग्राम कोलार में ग्रामीणों ने दो गुलदारों को एक साथ देखा।
ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार अब आम जनजीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। इससे पहले भी एनएच पर कार्यरत नेपाली मजदूर के बच्चों को गुलदार ने अपना निवाला बनाया था।
इस घटनाक्रम से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से लगातार पिंजरा लगाने और गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
ग्राम पंचायत कुल्हाड़ के पूर्व प्रधान एवं वर्तमान वन पंचायत सरपंच देवकिशोर सिंह नेगी और ग्राम प्रधान अनीता देवी ने बताया कि इस संबंध में पहले भी उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री को ज्ञापन भेजा जा चुका है। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है, लेकिन अब तक पिंजरे की व्यवस्था नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
