खनन नीति पर हरक सिंह रावत का बड़ा हमला, भाजपा पर गंभीर आरोप और सनसनीखेज खुलासे
देहरादून। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने खनन नीति को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने खनन माफियाओं से पैसा लेकर पार्टी संचालन के लिए बैंक में 30 करोड़ रुपये की एफडी बनाई है।
रावत ने कहा कि यदि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ईमानदारी से जांच करे तो पूरी भाजपा जेल में होगी। किसने कितना पैसा दिया इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वन मंत्री रहते हुए उन्होंने रामनगर और हल्द्वानी में खनन ठेकेदारों से 10-10 लाख रुपये के चेक लेकर लगभग 1 करोड़ रुपये पार्टी फंड में जमा कराए थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर हमला बोलते हुए रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्होंने खनन में डंका पीट दिया, “तभी तो तबाही हो रही है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे खनन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन खनन वैज्ञानिक और संतुलित तरीके से होना चाहिए। मौजूदा सरकार ने खनन के नाम पर लूट मचा रखी है।
रावत ने अपने आरोपों में आगे कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के कार्यकाल में ऋषिकेश में भूमि घोटाला हुआ था। इस घोटाले में एक ही दिन में सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। मुख्यमंत्री की तरफ से हरिद्वार प्राधिकरण को पत्र भेजा गया, उसी दिन रिपोर्ट आई और उसी दिन भूमि का आबंटन भी कर दिया गया। रावत ने आरोप लगाया कि इसी तरह का घोटाला खनन पट्टी में भी हुआ है।
निष्कर्ष :
हरक सिंह रावत के इन खुलासों से खनन नीति और भाजपा सरकार पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
