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द्वारीखाल ब्लॉक प्रमुख चुनाव: आरोपों के घेरे में विधायक रेनू बिष्ट

द्वारीखाल। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नतीजों ने पूरे क्षेत्र की राजनीति को हिला दिया है। अंतिम समय पर हुए नाटकीय घटनाक्रम के चलते बीना राणा ने मात्र एक वोट से जीत दर्ज की, जबकि हार का सामना करने वाली प्रत्याशी उषा बडोला ने इस उलटफेर के लिए यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट को जिम्मेदार ठहराया है।

सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र पंचायत सदस्य कौशल्या देवी के पति की सहमति पहले उषा बडोला के साथ बन चुकी थी, लेकिन मतदान के दौरान कौशल्या देवी अचानक पाला बदलकर बीना राणा के खेमे में चली गईं। इसके बदले में उन्हें कनिष्ठ उप प्रमुख का पद दिया गया, जिसने पूरे चुनावी परिदृश्य को नया मोड दे दिया।

इसी बीच, उषा बडोला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक रेनू बिष्ट ने कौशल्या देवी को अपनी गाड़ी में छुपाकर मतदान केंद्र तक पहुँचाया। उनका आरोप है कि मौके पर तैनात सुरक्षा बल के अधिकारी को विधायक ने हस्तक्षेप करने के लिए कहा, जिसके बाद कौशल्या देवी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने दुपट्टे से चेहरा ढककर मतदान किया।

उषा बडोला का कहना है कि विधायक ने सत्ता का दुरुपयोग कर चुनावी नतीजों को प्रभावित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन प्रत्याशियों के लिए विधायक ने टिकट की सिफारिश की थी, वे सभी चुनाव हार गए, इसलिए अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए विधायक ने महेंद्र सिंह राणा का साथ देकर चुनावी समीकरण पलटा।

इस पूरे घटनाक्रम ने द्वारीखाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। पंचायत चुनाव में हुए इस एक वोट के अंतर वाले उलटफेर ने यह भी साबित कर दिया कि स्थानीय राजनीति में हर वोट कितना निर्णायक साबित हो सकता है।

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