उत्तराखंडपौड़ी

बालश्रम रोकथाम अभियान: पौड़ी में मंदिर परिसर के पास नाबालिग बच्चों को श्रम से मुक्त कराया

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर बालश्रम रोकथाम हेतु बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्प लाइन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने लक्ष्मी नारायण मंदिर, पौड़ी के पास बालश्रम में संलिप्त नाबालिग बच्चों को मुक्त कर त्वरित कार्रवाई की।

जिला परिवीक्षा अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर के पास कुछ नाबालिग बच्चों को फूल बेचते हुए पाया गया। यह कार्य बालश्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 का उल्लंघन है।

दल ने मौके पर ही बच्चों से श्रम कार्य रुकवाया, उनकी पहचान एवं सत्यापन कर नाम, उम्र, विद्यालय और परिजनों की जानकारी दर्ज की। जांच में सभी बच्चे नेपाल मूल के पाए गए, जो नगर पालिका पौड़ी और आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। बच्चों को उनके परिजनों को सुरक्षित सुपुर्द करते हुए समझाया गया कि वे बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम न करवाएं और नियमित रूप से विद्यालय भेजें।

 

परिवारों को बाल शिक्षा और कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि बालश्रम बच्चों के विकास में गंभीर बाधा है, और इसके उन्मूलन के लिए प्रशासन, पुलिस और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने अपील की कि बालश्रम या शोषण की सूचना तुरंत 1098 या पुलिस को दें।

 

इस दौरान जिला समन्वयक चाइल्ड हेल्प लाइन सरिता लिंगवाल, बाल कल्याण समिति की सदस्य गंगोत्री नेगी और सुनीता भट्ट सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी व जवान मौजूद रहे।

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