धराली आपदा पीड़ितों के लिए परमार्थ निकेतन में विशेष यज्ञ भेजी राहत सामग्री
प्रभावित परिवारों तक एक हजार किलो ताजे फल एवं सब्जियां, राशन, कपड़े और मेडिकल किट पहुंचाए गए।
ऋषिकेश। उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में 5 अगस्त को आई भीषण आपदा के पीड़ितों के लिए परमार्थ निकेतन में विशेष प्रार्थना और यज्ञ का आयोजन किया गया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती के आशीर्वाद से आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री, ताजे फल और सब्जियां भेजी गईं।
परमार्थ निकेतन की सेवा टीम ने एक हजार किलो से अधिक ताजी सब्जियां, राशन सामग्री, बच्चों और महिलाओं के कपड़े, रेनकोट, दूध पाउडर, चप्पलें, छाते, मोमबत्ती-माचिस, बरसाती, मेडिकल किट और अन्य आवश्यक वस्तुएं स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों के सहयोग से प्रभावित परिवारों तक पहुंचाईं।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि सेवा केवल राहत सामग्री पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ितों के मनोबल को भी सशक्त बनाना जरूरी है। उन्होंने देश-विदेश के लोगों से आर्थिक, सामग्री और मानसिक सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया।
स्वामी जी ने कहा, “उत्तराखंड केवल भौगोलिक स्थान नहीं, यह हमारी संस्कृति, आस्था और आध्यात्म का केंद्र है। इसे पुनः संवारना हम सबका कर्तव्य है।” उन्होंने बताया कि धराली के पुनर्निर्माण, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, बच्चों की शिक्षा और रोजगार के साधनों की पुनः स्थापना के लिए दीर्घकालिक परियोजनाओं की अत्यंत आवश्यकता है।
आपदा के बाद धराली गांव की सूरत भले ही बदहाल हो, लेकिन वहां के लोगों में उम्मीद और हौसला अभी भी जीवित है। ग्रामीणों को विश्वास है कि प्रकृति और जनसहयोग से एक दिन उनका गांव फिर से अपनी पुरानी सुंदरता, समृद्धि और सांस्कृतिक पहचान के साथ खड़ा होगा।
