बुरांसी गांव में अतिवृष्टि से दो सगी बहनों की मौत, प्रशासनिक टीम ने जोखिम उठाकर पहुँचाया राहत
पौड़ी। तहसील पौड़ी के अंतर्गत आने वाले बुरांसी गांव में मंगलवार रात्रि अतिवृष्टि की दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है, जिसमें दो महिलाओं की मलबे में दबने से मौत हो गई। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गांव में आठ से दस भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीमें तीन दिशाओं—चौंरीखाल, पाबौ और थलीसैंण से राहत पहुंचाने के लिए रवाना की गईं। सड़क मार्ग पर मलबा जमा होने और मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण टीमें जोखिम उठाकर पैदल ही गांव तक पहुंचीं। थलीसैंण की ओर से गई टीम ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद शाम 5:30 बजे गांव में पहुंचकर राहत कार्य प्रारंभ किया।
दो महिलाओं की मलबे में दबकर मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार मलबा घर की पिछली दीवार तोड़ते हुए भीतर घुस गया, जिससे घर में सो रही आशा देवी और विमला देवी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दोनों सगी बहनें थीं और एक ही घर में निवास करती थीं। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देश पर मृतकों के पंचनामे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है तथा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है।
पशुधन की भी क्षति
राजस्व विभाग द्वारा किए गए प्रारंभिक सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि गांव निवासी अमर सिंह के 8 पशुओं की मृत्यु हुई, जिसमें 2 बैल, 2 गाय और 4 बकरियां शामिल हैं। इनमें से 5 पशुओं के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि 1 गाय और 2 बकरियां अभी भी लापता हैं।
सैंजी गांव में भी नुकसान
बुरांसी से सटे सैंजी गांव में भी भूस्खलन से लोगों को खतरा उत्पन्न हुआ, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है और राहत सामग्री भी वितरित की गई है।
जिला प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है।
