उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से दिया इस्तीफ़ा
नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025 — देश की राजनीति में आज एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक संक्षिप्त बयान में यह जानकारी दी गई कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को श्री धनखड़ ने अपना त्यागपत्र सौंप दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

राष्ट्रपति सचिवालय ने अपने बयान में कहा,
> “भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से पद छोड़ने का निर्णय लिया है। उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है।“
गंभीर स्वास्थ्य कारण
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से श्री धनखड़ लगातार स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें पूर्ण विश्राम की आवश्यकता थी। हाल ही में उन्हें दिल से जुड़ी समस्याएं और उच्च रक्तचाप की शिकायत के चलते दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
संवैधानिक प्रक्रिया शुरू
श्री धनखड़ का कार्यकाल अगस्त 2027 तक था, लेकिन उनके समयपूर्व इस्तीफे के चलते अब नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया जल्द ही निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की जाएगी। संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार, इस्तीफे की स्थिति में 6 महीने के भीतर नया उपराष्ट्रपति चुना जाना आवश्यक है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री धनखड़ के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा:
> “जगदीप जी का सार्वजनिक जीवन प्रेरणास्पद रहा है। उन्होंने उपराष्ट्रपति के रूप में गरिमा और निष्पक्षता के साथ कार्य किया। उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।“
विपक्षी दलों के नेताओं ने भी श्री धनखड़ को उनके कार्यकाल के लिए धन्यवाद देते हुए स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
कार्यकाल की झलक
श्री जगदीप धनखड़ ने 11 अगस्त 2022 को भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। एक प्रखर वकील और अनुभवी राजनीतिज्ञ, श्री धनखड़ ने इससे पूर्व राजस्थान के राज्यपाल और लोकसभा सांसद के रूप में भी कार्य किया था। उपराष्ट्रपति के रूप में वे राज्यसभा के सभापति भी रहे, जहाँ उनकी सख्त कार्यशैली और मर्यादित संचालन की सराहना की गई।
अगला कदम
अब देश की निगाहें आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव पर टिकी हैं। संभावित उम्मीदवारों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं, हालांकि किसी भी पार्टी ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा भारतीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उनकी विदाई न केवल एक संवैधानिक पद को रिक्त कर गई है, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व को पीछे छोड़ गई है जिसने गरिमा, संवैधानिक मर्यादा और संवाद की संस्कृति को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया
