जिलाधिकारी की सख़्त कार्रवाई: प्रशिक्षण में लापरवाही पर दो कार्मिक निलंबित
“चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी” – जिला निर्वाचन अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया
पौड़ी। त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2025 की तैयारियों के बीच प्रशिक्षण में लापरवाही बरतने वाले दो कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। मतदान प्रशिक्षण के दौरान अनुशासनहीनता और नशे की हालत में उपस्थिति दर्ज कराने के आरोप में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

घटना विवरण:
दिनांक 17 जुलाई को प्रेक्षागृह पौड़ी में निर्वाचन ड्यूटी हेतु मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इस दौरान,
अनिल कुमार मैठाणी, डाकिया, कार्यालय प्रभागीय वनाधिकारी सिविल एवं सोयम, द्वितीय सत्र में शराब के नशे में प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचे।
प्रशिक्षण नोडल अधिकारी के अनुसार, अनिल कुमार बार-बार अपनी सीट छोड़कर इधर-उधर घूमते रहे और उनके व्यवहार से स्पष्ट था कि वह नशे में हैं।
इसी प्रकार,
आनंद सिंह रावत, सहायक अध्यापक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय दिगोली, नैनीडांडा, प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रेक्षागृह की सीढ़ियों पर बेसुध हालत में पाए गए।
जिलाधिकारी ने दोनों मामलों को गंभीर अनुशासनहीनता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-34 तथा उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन मानते हुए दोनों कार्मिकों को निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि “चुनाव प्रक्रिया अत्यंत संवेदनशील एवं जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी घटनाओं की सूचना मिलने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
जिलाधिकारी द्वारा यह कार्रवाई जिले में निर्वाचन व्यवस्था को सुचारू, निष्पक्ष और अनुशासित बनाए रखने की दिशा में एक स्पष्ट संदेश है।
