ऋषिकेश में कृषिमंत्री गणेश जोशी ने किया मौन पालन कार्यालय का उद्घाटन, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण भी किया
ऋषिकेश। आज उत्तराखंड सरकार के कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने ऋषिकेश स्थित हनुमंतपुरम गंगानगर में राजकीय मौन पालन परिषद के उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत एक फलदार पौधे का रोपण भी किया।
मंत्री जोशी ने उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल को बधाई देते हुए कहा कि वे बहुत पुराने स्वयंसेवक हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा भारतीय जनता पार्टी की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर सरकार लगातार कार्य कर रही है और मौन पालन इसमें एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
कृषि मंत्री ने बताया कि शहद और उसके सह-उत्पादों से जहां किसानों को अतिरिक्त आय हो रही है, वहीं पर-परागण की प्रक्रिया से बागवानी फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का 65% से अधिक भूभाग वनाच्छादित होने के कारण यहां मौन पालन की अपार संभावनाएं हैं। यह सिर्फ शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण रोजगार और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक है।

इस दौरान मंत्री जोशी ने यह भी बताया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 4000 मधुमक्खी पालक सक्रिय हैं, जो करीब 95,000 कॉलोनियों का संचालन कर रहे हैं। इससे राज्य में वार्षिक 1900 टन शहद का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बदरीनाथ क्षेत्र की वन तुलसी का शहद सबसे महंगा है और इसकी डिमांड इतनी अधिक है कि आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है।
मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश की कृषि योजनाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा 3800 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान करने पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।
मौन पालन परिषद उत्तराखंड के उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल ने सभी उपस्थितजनों का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मधु ग्राम’ का सपना अब उत्तराखंड में साकार हो रहा है और शहद उत्पादन राज्य की आर्थिकी का एक नया मजबूत आधार बन रहा है।
