ग्राम पंचायत कड़थी से आशा देवी ने प्रधान पद के लिए किया नामांकन, पलायन रोकने को बताया प्राथमिक लक्ष्य
*युवा नेतृत्व की ओर बढ़ता कदम, ग्रामीण विकास पर फोकस*
द्वारीखाल। ग्राम पंचायत कड़थी से आशा देवी ने आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रधान पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। आशा देवी ने राजनीति में कदम रखते हुए ग्रामीण विकास और पलायन जैसे गंभीर मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही है।

नामांकन के बाद आशा देवी ने कहा कि ग्राम पंचायत के अधूरे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की उनकी पूर्ण प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि—
“मेरा सपना है कि ग्राम पंचायत का चहुमुखी विकास हो, गांव में ही युवाओं को रोजगार मिले, बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और हर घर तक सस्ती एवं गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचे।”
आशा देवी ने कहा कि उन्हें पलायन के दर्द का गहरा अनुभव है। उनके अनुसार पलायन के कारण गांव के बुजुर्ग अकेले रह जाते हैं, उन्हें सुख दुःख अकेले ही झेलना पड़ता है। हमारे बुजुर्गों के बनाए हुए पारंपरिक मकान जर्जर हो गए हैं यहां कि कई गांव खंडहर में बदल चुके हैं।
“यदि मुझे जनसमर्थन मिला, तो मैं मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ पलायन को रोकने की पूरी कोशिश करूंगी।
आशा देवी की सोच और दृष्टिकोण को देखते हुए ग्राम पंचायत के युवाओं, महिलाओं और जागरूक मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग उनके समर्थन में सामने आ रहा है।
राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी और जमीनी मुद्दों पर केंद्रित सोच के साथ आशा देवी की दावेदारी ग्राम पंचायत कड़थी में नया विकल्प बनकर उभरी है। देखना दिलचस्प होगा कि जनता उनके इस पहले राजनीतिक कदम को कितनी ताकत देती है।
