उत्तराखंडपौड़ी

परमार्थ निकेतन गंगा तट बना 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का साक्षी

“एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” थीम पर 25 से अधिक देशों के राजदूतों व विशिष्ट अतिथियों ने लिया सहभाग

पौड़ी। गंगा तट स्थित परमार्थ निकेतन आज 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के ऐतिहासिक आयोजन का भव्य केंद्र बना, जिसमें विश्व के 25 से अधिक देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ और कॉमन योगा प्रोटोकॉल का अभ्यास प्रशिक्षकों के निर्देशन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं साध्वी भगवती सरस्वती जी ने की। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के मंत्रोच्चार, आशीर्वाद एवं साध्वी भगवती जी के प्रेरणादायक संबोधन ने उपस्थित जनों को योग की गहराई और व्यापकता से परिचित कराया।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” रही, जो व्यक्तिगत स्वास्थ्य और वैश्विक पर्यावरणीय संतुलन के गहरे संबंध को रेखांकित करती है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि जब हम स्वयं का ध्यान रखते हैं, तब हम धरती माता का भी ध्यान रखते हैं। यही भारतीय संस्कृति का संदेश है — वसुधैव कुटुम्बकम्।

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने योग को एक जीवन शैली बताते हुए कहा “योग केवल शरीर को लचीला बनाने का अभ्यास नहीं, बल्कि यह मन, आत्मा और जीवन को संतुलित करने की दिव्य विधा है।”

कार्यक्रम की झलकियाँ: पतंजलि योगसूत्र का पाठ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योग दिवस पर वीडियो संदेश

पूर्व वर्षों की योग झलकियों का पुनरावलोकन

योगगुरुओं के प्रेरणादायक विचार

विश्व शांति यज्ञ की पूर्णाहुति और राष्ट्रगान के साथ समापन

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित: पेरू, लेसोथो, जापान, इक्वाडोर, नामीबिया, सेशेल्स, कोलंबिया, कांगो-ब्राजाविल, नेपाल, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, इक्वेटोरियल गिनी, जिम्बाब्वे, बोत्सवाना, ताइवान, लिथुआनिया, बेलारूस, इथियोपिया, डी.आर. कांगो, और मेक्सिको सहित कई देशों के राजदूत, उच्चायुक्त व प्रतिनिधि।

कार्यक्रम में सहभाग:

मिनिस्ट्री ऑफ यूथ एंड स्पोर्ट्स, योग एलायंस, उत्तराखंड की योगशालाओं, विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, सामाजिक संगठनों, प्रशिक्षकों व हजारों प्रतिभागियों ने गंगा तट पर योगाभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय एकता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

संकल्प:

इस 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सभी ने यह संकल्प लिया कि योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे, ताकि व्यक्ति, समाज, पर्यावरण और धरती — सभी के लिए स्वस्थ, समर्पित और जागरूक जीवन सुनिश्चित किया जा सके।

अब योग के साथ धरती योग – यही है सच्चा योग।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती

 

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