1 सितम्बर 1994 की काली सुबह उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास में ऐसे अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसे लोग
Read Moreभारत में लघु उद्योग (Small Scale Industries – SSI) देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाते हैं। ये उद्योग न
Read Moreभारतीय संस्कृति में तीज-त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने
Read Moreजनकवि गिर्दा की पुण्यतिथि पर विशेष उत्तराखंड की धरती ने अनेक लोकगायक, साहित्यकार और आंदोलनकारी दिए हैं, लेकिन जनकवि गिरीश
Read More1962 का भारत-चीन युद्ध भारतीय सैन्य इतिहास का वह अध्याय है, जिसने साहस, बलिदान और अदम्य इच्छाशक्ति की असंख्य गाथाएँ
Read More(पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन) उत्तराखंड राज्य आंदोलन का नाम लेते ही जो व्यक्तित्व सबसे पहले स्मृति पटल पर उभरता है, वह
Read Moreउत्तराखंड अपनी समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहाँ के पर्व केवल धार्मिक आस्था से जुड़े नहीं
Read Moreभारतभूमि संतों और ऋषियों की भूमि रही है। यहाँ समय-समय पर ऐसे महापुरुष जन्म लेते रहे हैं जिन्होंने समाज को
Read Moreउत्तराखण्ड में आदर्श संस्कृत ग्राम योजना, संस्कृत सप्ताह और गृह-गृह संस्कृत अभियान लेखक – विजेन्द्र प्रसाद ममगाईं अध्यक्ष, उत्तराखण्ड विद्वत
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