विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं, डीएम ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम
**पांच करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं की समीक्षा, पीएमजीएसवाई के 16 कार्य इसी माह शुरू करने के निर्देश; मोहनचट्टी आयुर्वेदिक चिकित्सालय और योग विलेज 10 अक्टूबर तक पूरा करने को कहा**
पौड़ी। जनपद में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के साथ निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। स्वीकृत धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं, नवाचारी परियोजनाओं, जिला योजना, राज्य सेक्टर एवं केंद्र पोषित योजनाओं के साथ ही 20 सूत्री और 25 सूत्री कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने और शासन स्तर पर अटके मामलों का नियमित फॉलोअप करने के निर्देश दिए।
पीएमजीएसवाई के 16 कार्य इसी माह होंगे शुरू
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 16 कार्यों के अनुबंध होने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य इसी माह शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत योजनाओं की आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य धरातल पर उतारे जाएं।
मोहनचट्टी में निर्माणाधीन आयुर्वेदिक चिकित्सालय और योग विलेज का कार्य 10 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं, सतपुली बैराज का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने की जानकारी अधिकारियों ने दी।
पौड़ी नगर के लिए फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को शासन से स्वीकृति मिलने पर जिलाधिकारी ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। सतपुली नगरीय पेयजल योजना का कार्य जनवरी 2027 तक पूरा होने की संभावना जताई गई।
सतपुली-गुमखाल मार्ग पर सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
सतपुली-गुमखाल संपर्क मार्ग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ब्लैक टॉप का कार्य शुरू हो चुका है और अधिकांश मलबा हटाया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष मलबा शीघ्र हटाने के साथ सुरक्षात्मक दीवारों की मरम्मत एवं निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने को कहा, ताकि मार्ग पर आवागमन सुरक्षित और सुचारु बना रहे।
पौड़ी-श्रीनगर मार्ग पर सुरक्षा दीवारों और नालियों का कार्य भी समीक्षा में शामिल रहा। पाइप शिफ्टिंग के कारण प्रभावित कार्यों को संबंधित विभागों के आपसी समन्वय से जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने पूर्ण हो चुके बड़े निर्माण कार्यों की फोटोग्राफ और माप पुस्तिका उपलब्ध कराने को कहा। वन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के कारण लंबित योजनाओं के निस्तारण के लिए भी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
राहु मंदिर और इको एडवेंचर पार्क के कार्यों की समीक्षा
जिलाधिकारी ने पौड़ी जेल संग्रहालय, पैठाणी स्थित राहु मंदिर और पौड़ी के इको एडवेंचर पार्क की प्रगति की समीक्षा की। राहु मंदिर में पुजारी आवास का निर्माण पूरा होने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने मंदिर के वेटिंग हॉल में फर्नीचर उपलब्ध कराने और लाइटिंग पोल में संगीत व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
सीता माता सर्किट के अंतर्गत सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए भी शीघ्र टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया। इसके साथ ही पेयजल और पार्किंग सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को गति देने के निर्देश दिए गए।
जिला योजना में धीमी प्रगति पर लोनिवि को निर्देश
जिला योजना की समीक्षा के दौरान लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की प्रगति कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। विभाग को 15 अक्टूबर और 31 अक्टूबर तक पाक्षिक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा केवल वित्तीय खर्च के आधार पर नहीं, बल्कि धरातल पर हुए वास्तविक निर्माण यानी भौतिक प्रगति के आधार पर भी की जाए। जिन विभागों ने पहली किश्त के लक्ष्य के सापेक्ष 60 प्रतिशत से अधिक प्रगति हासिल कर ली है, उनके लिए दूसरी किश्त जारी करने की कार्यवाही करने को कहा गया।
पूल्ड आवासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी (डीएसटीओ) को समिति गठित कर आवासों का निरीक्षण कराने तथा आवश्यकता के अनुसार मरम्मत कार्य करवाने के निर्देश दिए।
20 सूत्री कार्यक्रम में पीएमजीएसवाई और स्वास्थ्य विभाग की प्रगति कम
20 सूत्री एवं 25 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान पीएमजीएसवाई और स्वास्थ्य विभाग की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने दोनों विभागों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने, योजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना असवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

